इस परिवार की दुखभरी व्यथा सुन आपकी आंखों में भी आ जाएगा पानी



पड़ोसी देश पाकिस्तान की हुकूमत ने 2 दशकों के बाद हिन्दू विवाह बिल को मंजूरी देकर जहां हिन्दू भाईचारे में एक अच्छी पहचान बनानी चाही है।  वहीं दूसरी ओर पड़ोसी पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं की हालत दिन-प्रतिदिन बुरी होती जा रही है।

आज समझौता एक्सप्रैस गाड़ी से एक हिन्दू परिवार पाकिस्तान में हालात खराब होने के कारण पाकिस्तान से अपना घर, दुकान और बाकी सब सामान बेचकर शरण लेने और अमन-शांति से रहने के लिए भारत पहुंचा है।

इस परिवार के कुल 8 सदस्य हैं। उन्होंने बड़े भारी मन से बताया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लोगों का रहना  बहुत ही मुश्किल हो गया है। यह परिवार लहिंदा पंजाब के जिला  रहीम यार खान से भारत आया है।  परिवार के मुखी प्रकाश ने रो-रोकर बताया कि उनकी बहन-बेटियों की इज्जत के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जाता है। वहां कानून नाम की कोई चीज नहीं है। जम्हूरियत का सरेआम गला घोंटा जा रहा है।  उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक सिन्धी हिन्दुओं के लिए जंग लग चुकी है क्योंकि जंग में लोगों को घरों से बेघर होना पड़ता है।  यह हिन्दू परिवार राजस्थान, जोधपुर में अपने रिश्तेदारों के पास जा रहा है जहां इनकी जिंदगी की नई किरण शुरू होगी। यहां यह बात भी वर्णनयोग्य है कि जो हिन्दू 2006-2007 से भारत में आ कर बैठे हैं, उन्हें अभी तक भारत सरकार ने भारतीय नागरिकता नहीं दी है। वे भी मायूसी के आलम में गुजर कर रहे हैं।





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