बाथरूम में पिता को ऐसी हालत में देख खिसकी बेटे के पैरों तले जमीन



दिल्ली मुख्य मार्ग पर स्थित एक औद्योगिक इकाई से 2 दिनों से लापता मजदूर का शव बाथरूम से बरामद हो गया। जबकि उसके लापता होने संबंधी पुलिस को गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी।

वहीं मजदूर की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया कि इकाई मालिक को 2 दिनों से लापता मजदूर का शव बाथरूम में पड़ा होने संबंधी पता नहीं चला और न ही उनको बताया गया। इसके बाद ए.सी.पी. रजिंद्र सिंह चीमा व थाना फोकल प्वाइंट के प्रभारी इंस्पैक्टर सुरिंद्र मोहन पुलिस पार्टियों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भड़के लोगों को शांत किया।

मृतक की पहचान रजिंद्र कुमार (55) निवासी गोपाल नगर टिब्बा रोड के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच में रजिंद्र के शरीर पर कोई घाव नहीं है और लगता है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी सुरिंद्र मोहन ने बताया कि पुलिस को दिए बयान में रजिंद्र के बेटे ने बताया कि उसका पिता पिछले काफी समय से साइकिल की चेन बनाने वाली इस फैक्टरी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड कार्य करता था।

सोमवार को वह घर से काम पर गया था लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। उनकी हर जगह तलाश की गई। इकाई में जाकर पूछा गया तो उनको आगे से यही कहा गया कि वह दवाई लेने गया था। उसके पिता की मौत के बारे में आज उस समय पता चला जब शंकर शौच के लिए बाथरूम में गया तो बाथरूम पहले से बंद था। उसने इकाई के मैनेजर हरीश शर्मा को सूचित किया। जिसके बाद किसी तरह बाथरूम खुलवाया गया तो अंदर उसका पिता जमीन पर अचेत पड़ा हुआ था।

रजिंद्र के बेटे का आरोप था कि 2 दिनों से उसके पिता का शव बाथरूम में पड़ा रहा, किसी ने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि रजिंद्र आखिर कहां गया। पुलिस ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में अगर कुछ संदिग्ध आता है तो पुलिस उस हिसाब से कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस ने रजिंद्र के बेटे सुनील के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की है।




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