डी.सी. दफ्तर के बाहर कारखानों में श्रम कानून लागू करवाने और एमर्सन पॉलीमर फैक्टरी के पीड़ितों को इन्साफ दिलवाने के लिये मजदूर यूनियनों द्वारा प्रदर्शन



employee Union protest outside dc office ludhiana

लुधियाना- कल लुधियाना की इन्साफपसन्द मज़दूर-मुलाज़िम और जनवादी संगठनों की ओर से डी.सी. दफ्तर लुधियाना में जोरदार रोष मार्च और प्रदर्शन किया गया। संगठनों ने पुरज़ोर माँग की के दोषी फैक्टरी मालिक और सम्बन्धित सरकारी विभागों के अधिकारियों पर सख्त कार्यवाई होनी चाहिए क्योंकि यह घटना फैक्टरी मालिक द्वारा अपना मुनाफा बचाने के चक्कर में फैक्टरी के अन्दर मज़दूरों की सुरक्षा के प्रबन्ध करने में लापरवाही और कमज़ोर इमारत बनाने के कारण हुई है। दूसरी बात यह फैक्टरी रिहायशी इलाके मे लगाई गई थी। इसके अन्दर खतरनाक कैमीकल जमा किया गया था, आग लगने पर ये बातें फायर ब्रिगेड के अधिकारियों से छुपाई गई, जिसके परिणामस्वरूप कई मज़दूरों, फायर-ब्रिगेड के कर्मचारियों और कार्पोरेशन के मुलाज़िमों को अपनी जानें गवांनी पड़ी और इलाके की इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई। फैक्टरी के अन्दर बड़ी संख्या में काम करते मज़दूरों के हाजऱिी कार्ड, पहचान-पत्र के इलावा श्रम कानून भी लागू नहीं किए गए थे। जिसके कारण मारे गए लोगों की गिनती के बारे में भी सही जानकारी नहीं मिल रही। यह घटना मुनाफाखोर फैक्टरी मालिकों और भ्रष्ट अधिकारियों का अमानवीय किरदार सामने लाती है।

इस मौके पर पहुँचे हुए प्रवक्ताओं ने कहा कि आए दिन ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं लेकिन प्रशासन द्वारा कार्यवाई करने में ढिलाई की जा रही है। घटना के इतने दिन बीतने पर भी सम्बन्धित सरकारी विभागों द्वारा अभी तक कोई कार्यवाई नहीं की गई। संगठनों ने डी.सी. लुधियाना द्वारा मुख्यमन्त्री पंजाब के नाम माँग पत्र दिया और माँग की कि-

  • इस घटना में सामने आए तथ्यों से स्पष्ट है कि फैक्टरी मालिक इन्द्रजीत सिंह गोला सारे नियमों-कानूनों की धज्जियाँ उड़ा कर यह फैक्टरी चला रहा था। फैक्टरी से सम्बन्धित सारे सरकारी विभागों के रिकॉर्ड के हिसाब से बेतहाशा बेनियमियाँ सामने आई हैं। इस घटना के लिए उक्त मालिक और सम्बन्धित सरकारी विभागों के अधिकारी भी बराबर के ज़िम्मेवार हैं, जिनकी आँखों के सामने यह गैर-कानूनी फैक्टरी चल रही थी। फैक्टरी मालिक और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जाए।
  • इस हादसे में मृतक फायर ब्रिगेड मुलाज़िमों के परिवारों के लिए एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और 10 लाख रूपए और बाकी मृतकों को 2 लाख रूपए की राहत राशि का पंजाब सरकार की ओर से ऐलान किया गया है। इस हादसे में मरे सारे ही व्यक्तियों के परिवारों को एक समान मुआवज़ा 10 लाख प्रति परिवार और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इस हादसे के दौरान मुहल्ले में क्षतिग्रस्त इमारतों के मालिकों को पुनर्स्थापित करने के लिए योग्य मुआवज़ा दिया जाए।

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