एन.सी.आर.बी. अनुसार एक वर्ष में क्राइम अगेंस्ट वूमैन की 3.38 लाख एफ.आई.आर. हुई दर्ज



लुधियाना– नारी पूजन वाले देश में महिलाएं अभी भी सुरक्षित नहीं हैं और अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। एन.सी.आर.बी. (नैशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) द्वारा जारी किए गए वर्ष 2016 के चौंकाने वाले तथ्यों के अनुसार 365 दिनों में महिलाओं के साथ दुष्कर्म, छेड़छाड़, किडनैपिंग, हमले व दहेज प्रताडऩा और अन्य क्राइम अगेंस्ट वूमैन की 3 लाख 38 हजार 954 एफ.आई.आर. दर्ज हुई हैं। इनमें से 20 प्रतिशत को भी अदालत सजा नहीं सुना पाई।

ञमहिला से क्रूरता से पेश आने के 30 प्रतिशत केस

महिलाओं से हो रहे क्राइम में सबसे’यादा क्राइम आई.पी.सी. 498-ए का है। पत्नी से पति और ससुराल पक्ष के लोगों की तरफ से क्रूरता से पेश आने की 1 लाख 10 हजार एफ.आई.आर. हुई हैं, जो वर्ष भर की कुल एफ.आई.आर. का प्रतिशत है और इसमें सबसे कम मात्र 12.2 प्रतिशत को अदालत से सजा हुई है। दहेज की मांग को लेकर तंग करने के भी 9683 मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पुलिस की तरफ से दहेज निषेध एक्ट के अधीन ससुरालियों पर एफ.आई.आर. तो दर्ज की गई है लेकिन 15 प्रतिशत को ही अदालत से सजा हुई है।

दुष्कर्म, किडनैपिंग और हमले की एफ.आई.आर. भी ज्यादा

कू्ररता और दहेज प्रताडऩा के अलावा बात करें तो देश में एक वर्ष में दुष्कर्म, किडनैपिंग और हमले की एफ.आई.आर. भी बहुत ’यादा दर्ज हुई हैं और इनमें सजा मात्र 25.5 प्रतिशत, 21.4 प्रतिशत व 21.8 प्रतिशत को हुई है। पत्नी से हो रही कू्ररता और दहेज की मांग को लेकर तंग करने के मामलों में देश के 19 मैट्रो शहरों में दर्ज हो रहे मामलों में सजा न के बराबर हो रही है। कू्ररता के मामलों में मात्र 9.5 प्रतिशत और दहेज को लेकर परेशान करने के मामलों में मात्र 1.6 प्रतिशत को सजा का सामना करना पड़ा है।

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