मौसम विभाग के अनुसार मार्च तक रहेगी ठंड, मई में बेमौसम बारिश के आसार



students during Winter

इस साल देश में ठंड मार्च तक रहेगी। वैसे हर साल संक्रांति के बाद ठंड कम होने लगती है और टेम्परेचर में बढ़ोतरी होती है। लेकिन, इस साल ऐसा होने की संभावना कम है। अमेरिका के क्लायमेंट प्रिडिक्शन सेंटर की जनवरी की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च तक ला-नीना ज्यादा एक्टिव रहेगा। इससे प्रशांत महासागर का टेम्परेचर कम रहेगा। इसका असर यह होगा कि पूरी दुनिया में कड़ाके की ठंड रहेगी। इसका असर भारत पर भी पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ला नीना के जून तक एक्टिव रहने का अनुमान है। इसलिए इसका असर गर्मी के मौसम में भी दिखाई देगा। उस दौरान बेमौसम बरसात की संभावना बढ़ी हैं।

क्या होंगी दिक्कतें?

– घने कोहरे और धुंध के कारण रेल, हवाई जहाज रद्द होना और इनमें देरी होने की घटनाएं बढ़ेंगी। उत्तर भारत में शीत लहर कायम रहने का अनुमान है।
– उत्तर भारत इस साल ठंड का मौसम ज्यादा दिन रहने के आसार हैं। महाराष्ट्र, गुजरात में अब तापमान में बढ़ोतर हो सकती है।
– एग्रीकल्चर एक्सपर्ट देवेंद्र शर्मा बताते हैं कि शीत लहर के कारण खेती को नुकसान होता है। अगर फरवरी में भी मिनिमम टेम्परेचर कम रहेगा तो गेहूं की फसल में दाना भरने (ग्रेन फिलिंग) की प्रॉसेस पर असर होगा। हालांकि सब्जी की फसल पर पानी देने से काम चल जाएगा, लेकिन ज्यादा ठंड पड़ी तो नुकसान हो सकता है।

आगे पढ़े क्या कहते हैं एक्सपर्ट




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