एलुमनी मीटिंग में पुराने पलों को याद किया स्कूल के पूर्व छात्रों ने


लुधियाना – वह पल बहुत खूबसूरत होता है, जहां आपने अपने जीवन के यादगार वर्ष बिताए हों उस परिवेश में दोबारा जाना, अपने पुराने मित्रों से मिलना, घर वापसी जैसा अनुभव देता है। बी.वी.एम. ने अपने विद्यालय के स्वर्ण जयंती अवसर पर अपने पूर्व छात्रों को वही स्वर्णिम मौका एलुमनी मीटिंग के रूप में दिया। बी.वी.एम. ऊधम सिंह नगर अपने पूर्व छात्रों को अपने पुराने पलों और पुराने रिश्तों का जश्न मनाते देख रोमांचित हो उठा। अपने पुराने मित्रों के साथ मिलकर उन्होने विद्यालय स्टेज पर ऐसा धमाल मचाया, जैसे वे विद्यालय से कभी गए ही नहीं थे। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधान ओमप्रकाश सबरवाल, उपप्रधान फूलचंद जैन, सचिव प्रकाश चन्द गोयल, सह सचिव मनोज गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनमोहन, प्रबंधक मदन मोहन व्यास, सदस्य शुभकरण, राजकुमार बहल, कैलाशचन्द मैनी, राजकुमार गुप्ता एवं विद्यालय की सभी शाखाओं के प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय की पूर्व छात्राएं जोकि अब विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रही है मां सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन से किया। सरस्वती वंदना का गायन पूर्व छात्रों द्वारा किया गया। विद्यालय के भूतपूर्व प्रधानाचार्य अशोक सेतिया के मुख्य रूप में अचानक आगमन से सभी उपस्थित छात्रगण भाव-विहवल हो गए एवं उनका तालियों के साथ स्वागत किया।

अतीत के झरोखे में झांकने के लिए पांच दशकों के सफर पर आधारित वृ8ाचित्र दिखाया गया, जिसे देखकर सभी अतीत की यादों में खो गए। विद्यालय की रिटायर्ड संगीत अध्यापिका श्रीमती शकुंतला एवं पूर्व छात्र पुष्कर, आयुष, साहिल, रिषभ, अंकित, नैना, राधिका एवं अक्षय द्वारा गाए सूफी गीत ने सबका मन मोह लिया। जिंदादिल भारती के पंजाबी नृत्य ने सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। रमन मिततल, साहिल नागपाल, करूणा की गायकी भी खूब सराही गई। पलकिन एवं रेखा का सामूहिक नृत्य देख सब झूम उठे। जिया सहगल की नृत्य प्रस्तुति मोहे छेड़-छेड़ जाए सभी के द्वारा पसंद की गई। अपने पुराने साथी अरविन्द गुजराल जोकि बॉलीवुड में सफल गायक हैं, के गीतों को सुनकर सब बहुत आनंदित हुए। रंगारंग कार्यक्रम के अंत में लड़कियों के गिद्दे ने कार्यक्रम की शोभा में चार-चांद लगा दिए। ढोल की थाप पर भंगड़ा डालते लडक़े, बोलियां डालती लड़कियों ने सबको थिरकने पर मजबूर कर दिया। विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य और आज के मु2य अतिथि अशोक सेतिया को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम का समापन वन्दे मातरम गायन से हुआ।


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