पुलिस ने शव के साथ दिखाई निर्दयता, डेड बॉडी को रोड में घसीटते हुए ले गई मॉर्चुरी हाउस


 

Dead Body

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं. एक ओर पहले तो पुलिस की बंदूक से एक निर्दोष युवक की मौत हो गई तो वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों की मदद करने की जगह परिजन जब अपने बेटे का शव को लेने आए तो पुलिस ने बर्बरता पूर्वक उनके सात लाठी और डंडों से मारपीट की. उसके बाद पुलिस युवक के शव को गाड़ी से घसीट कर पीएम हाउस तक ले गई. परिजन पुलिस से गुहार लगाते रहे कि हमे हमारे बेटे का शव दे दो, लेकिन पुलिस ने किसी की एक न मानी और पोस्टमार्टम कराने के लिए शव को घसीटते हुए अस्पताल लेकर जाने के बाद पोस्टमार्टम हाउस में शव को अंदर रखकर बाहर से उसमें ताला लगा दिया.

मिली जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले में थाने में रखी लाइसेंसी बंदूक उठाकर एक युवक थाने के बाहर बंदूक से छेड़छाड़ कर रहा था. तभी अचानक बंदूक से गोली चल गई और इससे रास्ते से निकल रहे एक दलित युवक विमल की मौत हो गई है. दरअसल, जौरा थाने में दोपहर जब्ती लाइसेंसी बंदूक को लेने आए एक व्यक्ति ने अचानक थाने में गोली चला दी, जिसमें राहगीर दलित युवक को गोली जा लगी जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया. आनन-फानन में पुलिस और परिजनों के द्वारा घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल लाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

ऐसे में जब मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम हाउस लाया गया तो परिजनों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया. ऐसे में पुलिस ने खुद ही मामले में दखल देते हुए मृतक का पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया, लेकिन जब परिजन मुरैना में पीएम कराने के लिए राजी नहीं हुए तो पुलिस शव को वाहन से घसीटते हुए पोस्टमार्टम कराने के लिए ले गए. जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने मृतक के परिजनों पर लाठी और डंडे बरसाना शुरू कर दिया.

ऐसे में जब असित यादव को मामले की खबर मिली तो वह अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मामले को शांत कराया. एसपी असित यादव के समझाने के बाद मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए. वहीं मामला शांत होने के बाद पोस्टमार्टम हाउस से पुलिस बल भी हटा ली गई. पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है.


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