पंजाब में चुनाव आयोग ने नेताओं और अफसरों से वापस ली अनधिकृत सुरक्षा – जिला पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी


Punjab Police

पंजाब में नेताओं और अधिकारियों को दी गई अनधिकृत सुरक्षा वापस ले ली गई है। लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव आयोग ने प्रदेश में नेताओं, अफसरों और रसूखदार लोगों को दी गई अनधिकृत सुरक्षा वापस लेने का आदेश दिया था। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को इस बारे में आदेश जारी किया। प्अबतक करीब 1500 पुलिस कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया है।

1500 पुलिस कर्मचारी वापस बुलाए

बताया गया है कि चुनाव आयोग ने पिछले दिनों पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में जिला पुलिस की ओर से अपने स्तर पर नेताओं, अफसरों और रसूखदार लोगों को सुरक्षा चक्र प्रदान करने का गंभीर नोटिस लिया था। सुरक्षा देने के लिए कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुए थे। आयोग ने डीजीपी को इस संबंध में तुरंत एक्शन लेने के आदेश दिए थे।

इसके बाद डीजीपी दिनकर गुप्ता ने पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और बटालियन के कमांडेंट्स स्तर के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि पूरे प्रदेश में अफसरों के साथ तैनात अनधिकृत गनमैन तुरंत वापस लिए जाएं। पंजाब में करीब दो हजार गनमैन को इस तरह सुरक्षा में तैनात किया गया था।

कुछ समय पहले प्रदेश में सुरक्षा घेरे की समीक्षा करवाए जाने पर डीजीपी ने चिंता जाहिर की थी। उन्होंने जिला और शहरी पुलिस प्रमुखों की आलोचना भी की। क्योंकि पुलिस प्रमुखों की ओर से सुरक्षा विंग की अनुमति के बगैर अपने स्तर पर ही सुरक्षा बांट दी थी।

डीजीपी ने आदेश में कहा था कि अगर 14 मार्च तक गनमैन वापस न लिए गए तो हर कांस्टेबल का वेतन एसएसपी, पुलिस कमिश्नर या संबंधित कमांडेंट के वेतन से काटा जाएगा। ऐसे पत्र उनसे पहले अन्य डीजीपीज की ओर से भी जारी किए गए थे लेकिन उन्हें अनदेका किया गया।

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