चुनाव आयोग की टीम ने पार्षद के घर पर की छापेमारी मिले 11 कछुए, जांच में सास-ननद का काला चिट्ठा आया सामने


 

turtle recovered from the councilors house mother-in-law and sister-in-law arrested

लोकसभा चुनाव में पैसे का इस्तेमाल रोकने के लिए चुनाव आयोग चाबुक चला रहा है। छापामारी और जांच अभियानों में लगातार नकदी, सोना आदि की बरामदगी हो रही है। इसी दौरान यहां एक चौकाने वाला मामला सामने आया। गत दिनों शराब पकड़ने के लिए की गई छापेमारी के दौरान चुनाव आयोग की टीम को कांग्रेस पार्षद राधा रानी के घर से 11 कछुए मिले। कार्रवाई के दौरान पार्षद भाग निकली, लेकिन उसकी सास बचनी देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले के राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद पड़ताल में राधा रानी की सास और ननद का काला चिट्ठा जनता के सामने आ गया है।

चुनाव आयोग को सूचना मिली थी कि होशियारपुर के टांडा में कांग्रेस पार्षद राधा रानी के घर में अवैध शराब रखी है। इस पर हरकत में आए एक्साइज विभाग के ईटीओ हनुमंत सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ 10 अप्रैल को दबिश दी तो घर में अवैध शराब मिली। लेकिन, इसके बाद टीम के पैरों तले उस समय जमीन खिसक गई, जब घर से 11 कछुए भी मिले। कछुए मिलने से वन विभाग की टीम वहां पर पहुंच गई। अगले दिन 11 कछुए वन विभाग की टीम ने ब्यास दरिया में छोड़ दिए।

सास तस्करी में लिप्त तो ननद बेचती है नशा

मामला पार्षद राधा रानी से जुड़ा होने के कारण जिले में राजनीतिक भूचाल आ गया। जब मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि बचनी देवी काफी समय से तस्करी में संलिप्त है। वह दस नंबरियों में शामिल है और थाना टांडा में उसकी फोटो भी लगी है। वहीं, उसकी बेटी भोली नशे के कारोबार में लिप्त है। बाद में ननद भोली के खिलाफ मामला दर्ज करके पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। यही नहीं, राधा रानी के पति राजू के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल वह फरार है।

कांग्रेस ने राधा रानी और उसके पति को पार्टी से निकाला

शराब और कछुए बरामद होने की खबर जब राजनीतिक गलियारों तक जा पहुंची तो कांग्रेसी भी सकते में आ गए। कांग्रेस विधायक संगत सिंह गिलजियां ने बिना कोई देरी किए पार्षद राधा रानी और उसके पति राजू को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

सास ने कहा, बीमारी के कारण खाती है कछुए

मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब बचनी देवी ने खुलासा किया कि वह बीमार रहती है और इसीलिए कछुए खाती है। हालांकि पुलिस को उसके दावों में सच्चाई नहीं नजर आ रही है। फिलहाल, कछुए रखने के मामले को तस्करी से जोड़ा जा रहा है। वन्य जीव विभाग की टीम जांच कर रही है कि आखिर घर में 11 कछुए रखने के पीछे मंशा क्या है?


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