सीजीएसटी इंटेलीजेंस के 150 अफसरों की टीम ने लुधियाना की 18 धागा मिलों पर मारा छापा, बड़े स्तर पर हाथ लगे बोगस बिल


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सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (सीजीएसटी) इंटेलीजेंस की ओर से सोमवार को लुधियाना के जाने माने 18 धागा मिलों पर छापेमारी की गई है। लुधियाना के विंग ने इस कार्रवाई को लेकर किसी भी तरह की जानकारी देने से इन्कार किया और इस कार्रवाई को दिल्ली मुख्यालय की ओर से किए जाने की बात कही। दिल्ली से 150 के करीब अधिकारियों की टीम लुधियाना के विभिन्न परिसरों में एक साथ पहुंची है। यार्न इंडस्ट्री में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है, जिसमें एक साथ शहर की सारी बड़ी यार्न कंपनियों पर दबिश दी गई है। इस कार्रवाई में देश के बड़े नामी सभी कारपोरेट शामिल हैं। सोमवार सुबह से आरंभ हुई छापेमारी देर रात तक जारी रही। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी पूरा दिन छापेमारी जारी रह सकती है।

सूत्रों की मानें तो विभाग की ओर से इन सभी यूनिटों की सेल व परचेज जांची जा रही है। इन यूनिटों की ओर से पिछले समय में बड़े स्तर पर जीएसटी रिफंड लिया गया है। अब तक जांच में कुछ ऐसी फर्म सामने आई हैं, जिन्होंने विभाग को भरे गए जीएसटी से ज्यादा रिफंड प्राप्त किया है। इससे माना जा रहा है कि कुछ स्पिनिंग यूनिट बड़े स्तर पर बोगस बिल ले रहे हैं।

छापेमारी के दौरान विभाग के हाथ कुछ बोगस बिल भी लगे हैं। यह बोगस बिल हरियाणा से संबंधित हैं। वहीं इस इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों की मानें तो इस कार्रवाई की वजह जहां जीएसटी रिफंड और जीएसटी जमा करवाने का अंतर है।

हरियाणा से कॉटन खरीदी और आगे बेच दी

हीं सीजीएसटी इंटेलीजेंस के हाथ ऐसे बिल भी लगे है, जिनमें फर्मों ने दिखाया है कि उन्होंने हरियाणा से कॉटन सीड खरीदी और आगे भी कॉटन सीड ही बेच दी। कृषि से संबंधित होने के चलते कॉटन सीड को जीएसटी से छूट प्राप्त है, लेकिन यार्न पर जीएसटी बनता है। ऐसे में इस मामले में कई बड़ी कंपनियों के संलिप्त होने का अंदेशा है। विभाग की ओर से एक दूसरे से लेनदेन करने वाली फर्मों के बिल भी जांचे जा रहे हैं।

आयरन और स्टील के फर्जी बिल मामले में तीन शहरों में रेड

आयरन और स्टील की फर्जी कंपनियां बनाकर जीएसटी विभाग को चूना लगाने वाली कंपनियों के खिलाफ केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से तीन शहरों में रेड जारी है। इसको लेकर विभाग की ओर से कई कंपनियों पर कार्रवाई की जा रही है। ज्ञात हो कि विभाग के सामने कई ऐसे मामले आए है, जिनमें जीएसटी का रिफंड तो लिया गया है, लेकिन विभाग के पास जीएसटी नहीं आया है। ऐसे में कई फर्जी कंपनियों बनाकर विभाग को चूना लगाया गया है।

एेसे में विभाग की ओर एक बड़ी कार्रवाई मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना और समाना में चलाई गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में 5 से 6 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का अनुमान है। जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पूर्ण जानकारी दी जाएगी। इसके लिए कई लोगों को हिरासत में लेने के साथ साथ कई बड़ी कंपनियों के दस्तावेज भी विभाग ने कब्जे में लिए हैं।


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