चूहों के आतंक से हुई 300 एकड़ फसल बरबाद – जाने कैसे


नहरी विभाग की लापरवाही के चलते और चूहों के कारण इस बार भी हर वर्ष की तरह लूथर हेड से निकलकर जलालाबाद को बाया ममदोट से जाने वाली लक्ष्मण नहर ने किसानों पर फिर एक कहर ढाया है। गांव हजारा सिंह के पास से गुजरने वाली लक्ष्मण नहर की बुर्जी नंबर 61500 पर 25 फुट की दरार पड़ गई, जिससे आसपास के खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए। धान की फसल, पशुओं का चारा, भूसा तथा रिहायशी मकान भी इस पानी की चपेट में आ गए। लोगों ने नहरी विभाग के ऊपर नहर के किनारे मजबूत करने में लापरवाही करने के आरोप लगाए हैं।

किसान जोगिंदर सिंह ने कहा कि धान की फसल की रोपाई से पहले नहरों की सफाई तथा मजबूती के लिए हर वर्ष लाखों रुपए खर्च करने के दावे किए जाते हैं जो कि मात्र कागजों तक सीमित है। किसान जंगीर सिंह ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण यह नहर हर वर्ष इसी क्षेत्र में हमेशा से टूटती आ रही है। किसानों ने बताया कि पिछले दिनों में हुई भारी बारिश के कारण लक्ष्मण नहर में ज़्यादा पानी छोड़े जाने के कारण नहर पानी को संभाल नहीं पाई व किनारे कमजोर होने के कारण टूट गई। जिससे करीब 300 एकड़ फसल में पानी भर गया है। नहर का पानी गांव तक पहुंच गया जिससे पानी गांव में स्थित स्कूल को जाने वाले रास्ते मे भी फैल गया व पानी स्कूल में घुस गया। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए। (राजेश धवन)

दरार को शाम तक भर दिया जाएगा – नहरी विभाग

नहरी विभाग के बेलदार जोगिंदर सिंह ने कहा है कि नहर की पटरी को चूहों ने खोखला कर दिया था जिसके कारण धीरे-धीरे मिट्टी खिसककर टूट गई इसे शाम तक मजबूती से बांध दिया जाएगा।


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