बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, बारिश-आंधी और बिजली ने ली 34 की जान


 

thunderstorm and rain in punjab

गर्मी के महीने में हो रही बरसात से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से मौसम ने करवट ली है वह चौंकाने वाला है। मंगलवार की ही बात करें तो सुबह कई इलाकों में बारिश और शाम को तेज आंधी के साथ फिर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

मौसम ने ली 34 लोगों की जान

किसानों की समस्याओं की भी बात करेंगे। पहले जान लेते हैं शहरों का क्या है। आंधी-तूफान ने देश के कई शहरों में कहर बरपाया है। देश के ज्यादातर शहरों में सिर्फ आंधी ही नहीं, बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। अकेले राजस्थान में ही आंधी-तूफान की वजह से 9 लोगों की जान चली गई। मध्यप्रदेश में भी मौसम से जुड़ी घटनाओं (बारिश, आंधी और बिजली गिरने) की वजह से 16 लोग काल के गाल में समा गए। पूरे देश की बात करें तो आंधी-तूफान के चलते 34 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी राजस्थान, मध्यप्रदेश और हिमाचल में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

ब्रज मंडल में तीन से मौसम की उल्टी चाल

ब्रज मंडल यानि मथुरा और आसपास के इलाकों में सोमवार शाम से बदला मौसम बुधवार सुबह तक बरकरार है। बुधवार को आगरा मंडल में तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बता दें कि सोमवार और मंगलवार को चली आंधी की रफ्तार अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आंधी से अभी तक कहीं से कोई जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

उत्तराखंड के तराई में गर्मी से राहत

दो दिन पहले तक उत्तराखंड के तराई-भाबर को जबरदस्त गर्मी से झिलाने वाले मौसम ने लोगों को राहत दी है। मंगलवार को हल्द्वानी में जहां दिनभर बादलों को आवाजाही बनी रही, वहीं बुधवार की सुबह गर्मी से राहत लेकर आई। बुधवार सुबह हल्द्वानी में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। आसमान में बादलों का डेरा है, जिससे गर्मी का असर कम हुआ है। मौसम में हुए बदलाव के बाद मंगलवार को हल्द्वानी का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री व न्यूनतम 19.3 डिग्री आ गया था। जबकि मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री व न्यूनतम 13.5 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री कम रहने की संभावना है। फिलहाल एक-दो दिन मौसम राहत देने वाला रहेगा।

मौसम की चाल से परेशान अन्नदाता

खेतों में गेहूं की फसल पकी खड़ी है और अन्नदाता के चेहरों पर मौसम के बदले मिजाज के चलते हवाइयां उड़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान अपने परिवार और दूसरे लोगों के साथ मिलकर गेहूं की फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित करने में जुटे हैं। मौसम जिस तरह से करवट बदल रहा है वैसा ही चला और तेज बारिश हुई तो गेहूं की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचेगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई जा रही है।


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