लुधियाना में 90 दिनों में 78 लोग गंवा चुके हैं सड़क हादसों में जान और 35 लोग हुए घायल


लुधियाना – बीते जनवरी, फरवरी व मार्च माह में नगर में 94 खतरनाक हादसे हुए हैं जिनमें 78 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा जबकि 35 लोग घायल हो गए। हादसों का मुख्य कारण बन चुके ओवरस्पीड पर लगाम नहीं कसी जा सकी है। लुधियाना ट्रैफिक पुलिस ने एक साल के बाद सही ढंग से ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा मुहैया करवाए गए इंटरसैप्टर वाहन की सहायता से ओवरस्पीड के चालान पिछले सप्ताह से दोबारा शुरू किए है। बता दें कि पूरे पंजाब में एकमात्र ही इंटरसैप्टर है जिसे ट्रांसपोर्ट विभाग कुछ दिनों के लिए अलग-अलग जिलों में भेजता है। लुधियाना ट्रैफिक पुलिस के पास मुहैया एकमात्र स्पीड राडार पिछले करीब एक वर्ष से खराब पड़ा है। सरकार चाहे तो इंटरसैप्टर सभी के लिए वरदान बन सकती है। इंटरसैप्टर वाहन की कीमत 14 से 15 लाख के बीच है। ओवरस्पीड चालान की जुर्माना राशि चालक से 700 रुपए वसूल की जाती है। ऐसे में मात्र 2 हजार चालान करने से इंटरसैप्टर की कीमत जुर्माना राशि से ही पूरी हो जाएगी। ऐसा करने से जहां ट्रैफिक पुलिस लोगों के चालान कर उन्हें ओपरस्पीड से रोकेगी, वहीं सड़क हादसों में कमी भी आएगी। इसके साथ ही सरकार के राजस्व में भी बढ़ौतरी होगी।

साधारण स्पीड राडार की कीमत 7 लाख रुपए
इंटरसैप्टर की कीमत महंगी इसीलिए है क्योंकि इसमें वाहन की कीमत भी जुड़ जाती है। वहीं साधारण और एक बैग में समा जाने वाले स्पीड राडार की कीमत मात्र 7 लाख रुपए है, जिसे सिर्फ एक हजार चालान से ही पूरा किया जा सकता है। ट्रैफिक पुलिस के पास ऐसा ही एक स्पीड राडार मौजूद है जो खराब बताया जा रहा है। स्पीड राडार का निर्माण विदेशी कंपनियां ही करती हैं जो लेजर तकनीक पर काम करते हैं।

फिरोजपुर रोड पर कम हुए थे जानलेवा हादसे
एक वर्ष पूर्व तक नगर की ट्रैफिक पुलिस द्वारा फिरोजपुर रोड पर स्पीड राडार से रोजाना ऐसे 80 से 90 चालान किए जाते थे। स्पीड राडार का नाका लगने के बाद इस सड़क पर जानलेवा सड़क हादसों में कमी दर्ज की गई थी जबकि इससे पहले फिरोजपुर रोड तेज गति का मोह रखने वालों के लिए रेसिंग ट्रैक बन चुके थे।

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