ट्रांसपोर्टर्स ने कल से हड़ताल पर जाने की दी धमकी


Tranporters on Strike

ट्रकों के लिए लोडिंग क्षमता नियमों में बदलाव के बावजूद ट्रक ट्रांसपोर्टर्स नहीं माने हैं और शुक्रवार को देशभर में हड़ताल की धमकी दी है। केंद्र सरकार ने ट्रांसपोर्टरों की 20 जुलाई से प्रस्तावित हड़ताल के बीच वाहनों के लिए भार वहन सीमा (एक्सैल लोड सीमा) 37 प्रतिशत तक बढ़ा दी है लेकिन सरकार का यह निर्णय ट्रांसपोर्टरों को रास नहीं आया। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि इससे उन्हें लंबी अवधि में नुक्सान ही होगा। प्रस्तावित हड़ताल के बीच सरकार के इस निर्णय को हड़ताल खत्म कराने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है लेकिन ट्रांसपोर्टर इस निर्णय के कारण हड़ताल वापस लेने से इंकार कर रहे हैं। सरकार ने भारी वाहनों के लिए मालवहन क्षमता में भले ही करीब 18 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है लेकिन वाहन निर्माताओं का कहना है कि वे इस तरह के वाहन का उत्पादन करने के लिए तैयार नहीं हैं।

छोटे ट्रांसपोर्टरों का होगा नुकसान

दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर कहते हैं कि एक्सैल लोड बढ़ने से खासकर छोटे ट्रांसपोर्टरों से कारोबार छिनेगा क्योंकि माल ढोने के लिए अब पहले से कम ट्रकों की जरूरत होगी। ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के महासचिव नवीन कुमार कहते हैं कि सरकार के फैसले में अभी इस बात को लेकर असमंजस है कि यह पुराने ट्रकों पर भी लागू होगा या नहीं।


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