अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की हुई मुलाकात


American President Donald Trump meet South Korean Leader Kim Jong in Singapore

डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन के बीच आज सिंगापुर के कापेला होटल में मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं ने करीब 12 सेकंड तक हाथ मिलाया। इसके बाद इनके बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत चली। 65 साल चले विवाद के बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए। किम ने कहा कि लोगों को ये मुलाकात किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह लग सकती है। इसके लिए 6 महीने से कोशिशें हो रही थीं। बीच में कई बार ऐसा लगा कि दोनों नेता शायद ही आमने-सामने आएं। ट्रम्प ने एक बार मुलाकात रद्द भी कर दी थी, लेकिन किम ने उम्मीद नहीं छोड़ी। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहॉवर (1953) से लेकर बराक ओबामा (2016) तक 11 अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने उत्तर कोरिया का मसला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी थी।

बातचीत पर दुनिया की है नजरें जाने क्यों?

– ट्रम्प के सत्ता में आए तो तब अमेरिका और उत्तर कोरिया के रिश्ते काफी बिगड़े हुए थे। उत्तर कोरिया लगातार परमाणु परीक्षण कर रहा था। जंग तक की नौबत आ गई थी। जनवरी 2018 में नई शुरुआत हुई। उत्तर कोरिया ने शांति की पहल की। मार्च में दक्षिण कोरिया ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और एक अन्य अफसर को उत्तर कोरिया भेजा। बाद में दोनों अफसर उत्तर कोरिया की ट्रम्प से बातचीत की पेशकश लेकर अमेरिका गए। ट्रम्प राजी भी हो गए। लेकिन, बीच में तल्खी आ गई। तब दुनिया को लगा कि अब बात नहीं बनने वाली। लेकिन 1 जून को व्हाइट हाउस ने फिर से दोनों नेताओं के बीच होने वाली बैठक की पुष्टि कर दी।
– माना जा रहा है कि किम ने परमाणु कार्यक्रम बंद करने का फैसला सोच समझकर लिया है। ताकि उत्तर कोरिया से प्रतिबंध हट सकें और वहां की इकोनॉमी बेहतर हो सके।
दुनिया बड़ा बदलाव देखेगी

– दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बाद किम ने कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव को देखेगी। हमने अतीत को छोड़ने का फैसला किया है।
– ट्रम्प ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी और खतरनाक समस्या का हल हो गया है। इसके लिए मैं किम को धन्यवाद देता हूं। वो बहुत कठिन समय था। अब दोनों देश मिलकर काम करेंगे और एक-दूसरे का सम्मान करेंगे।
– इस सवाल पर कि क्या आप किम को व्हाइट हाउस आने का न्योता देंगे, ट्रम्प ने कहा- बिल्कुल।

ट्रम्प के हाथ मिलाने में नहीं दिखी उनकी स्टाइल

-71 साल के डोनाल्ड ट्रम्प और 34 साल के किम जोंग-उन के बीच इस मुलाकात में कैमिस्ट्री अच्छी दिखी। दोनों ने पहली मुलाकात में करीब 12 सेकंड तक हाथ मिलाया। लेकिन जानकार इसे गर्मजोशी की मुलाकात नहीं मान रहे हैं। क्योंकि ट्रम्प किसी भी राष्ट्राध्यक्ष या अफसर से मिलते वक्त उनसे देर तक हाथ मिलाते हैं और सामने वाले का हाथ जोर से हिलाते हैं। हाल में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से उन्होंने 19 सेकंड तक हाथ मिलाया था।
– किम से मुलाकात में ऐसा उनकी बेहद गर्मजोशी भरा भाव नहीं दिखा। किम ही ट्रम्प का हाथ जोर से हिलाते दिखे।
– ट्रम्प ने कहा कि किम के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही। उत्तर कोरिया के साथ शानदार रिश्ते रहेंगे।

ट्रम्प ने पहनी लाल टाई तो किम मुलाकात के वक्त से 7 मिनट पहले पहुंचे

– उत्तर कोरियाई मीडिया के मुताबिक, किम ट्रम्प के सम्मान में मुलाकात के वक्त से 7 मिनट पहले ही पहुंच गया था। उधर, ट्रम्प ने किम के सम्मान में इस बैठक के लिए लाल टाई पहनी। इसकी वजह है कि उत्तर कोरिया के लोग लाल रंग को बेहद पसंद करते हैं।

परमाणु निरस्त्रीकरण इस बैठक का मकसद

– इस बैठक का मकसद परमाणु निरस्त्रीकरण है। यदि किम परमाणु निरस्त्रीकरण की तरफ बढ़े, तो यह ट्रम्प की जीत होगी। इसके बाद अमेरिका, उ. कोरिया के सामने निरस्त्रीकरण की शर्त रख कर उससे आर्थिक प्रतिबंध हटा सकता है। अमेरिका द. कोरिया में मौजूद अपने 23 हजार सैनिकों को भी वापस बुला सकता है।
– बता दें कि उत्तर कोरिया ने पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम को रद्द कर दिया और परीक्षण साइट तक खत्म कर दीं।

ट्रम्प ने कहा- हम और किम हर समस्या का समाधान निकालेंगे

– ट्रम्प और किम के बीच करीब यह मुलाकात मंगलवार को सिंगापुर के सेंटोसा द्वीप के कापेला होटल में हुई।
– इस मीटिंग के बाद ट्रम्प ने कहा कि किम के साथ मुलाकात बहुत अच्छी रही। हम दोनों के बीच बेहतर रिश्ते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे और किम मिलकर बड़ी समस्या को हल करेंगे। हम साथ मिलकर काम करेंगे। हम हर तरह से उत्तर कोरिया का ध्यान रखेंगे। मैं बातचीत को लेकर आश्वस्त हूं। हमें कामयाबी मिलेगी और हमारे रिश्ते भी शानदार रहेंगे। इस बैठक के पहले ट्रम्प ने कहा थाा कि वे पहले मिनट में किम के हाव-भाव देखकर बता देंगे कि समिट कारगर होगी या नहीं।
– सीएनएन के मुताबिक यह मीटिंग बंद दरवाजे में हुई। दोनों ने करीब 45 मिनट तक बातचीत की।

किम ने कहा- यहां तक पहुंचना आसान नहीं था

– इससे पहले, किम ने मीडिया से कहा कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा। पुरानी मान्यताओं ने रोड़ा अटकाने की कोशिश की। लेकिन हम इससे उबरे और आज यहां हैं।
– मीडिया ने जब किम से पूछा कि क्या उन्होंने एटमी साइट को बंद कर दिया वे सिर्फ मुस्कराते रहे।

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