भारत सरकार के दबाव में एंटीगुआ सरकार ने लिया फैसला – PNB घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की रद्द होगी नागरिकता


 

Mehul Choksi

पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी के प्रत्‍यर्पण को लेकर भारत सरकार का दबाव काम आया है जिसमें एंटीगुआ सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की नागरिकता रद करने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि व्यवसायी की नागरिकता रद की जाएगी और उसे भारत को वापस भेजा जाएगा।

एंटीगुआ की वेबसाइट एंटीगुआ न्‍यूज रूम ने प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन के बयान का हवाला देते हुए उक्‍त जानकारी दी है। वेबसाइट ने लिखा है कि बीते शनिवार को प्रधानमंत्री ब्राउन ने एक रेडियो कार्यक्रम में कहा कि जब चोकसी को नागरिकता दी गई थी तब भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अधिकारियों ने यह नहीं बताया गया था कि आर्थिक अपराध में वांछित है।

प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा कि लेकिन वास्‍तव में अब मेहुल चोकसी की नागरिकता रद की जाएगी और उसे भारत को प्रत्‍यर्पित किया जाएगा। मैं आगे नहीं जाना चाहता इसकी उचित प्रक्रिया है। चोकसी का मामला न्‍यायालय के समक्ष है। चोकसी को अदालत में जाने और अपना बचाव करने का अधिकार है। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि जब वह अपने सभी कानूनी विकल्पों खो देगा, तब उसे प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। सनद रहे कि भारत की ओर से मेहुल चोकसी प्रत्‍यर्पण की कोशिशें मार्च में शुरू की गई थीं।

बता दें कि पंजाब नैशनल बैंक को लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की चपत लगाकर विदेश भागने वाले हीरा कारोबारी को भारत लाए जाने के संबंध में बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को बड़ा फैसला देते हुए उसके स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में अदालत को जानकारी देने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम का गठन किया। अदालत ने यह रिपोर्ट इसलिए मांगी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोकसी हवाई यात्रा के लिए फिट है या नहीं। यह टीम नौ जुलाई को अपनी रिपोर्ट अदालत में दाखिल करेगी।


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