रिंकल हत्याकांड – पुलिस की कड़ी सुरक्षा में 3 डाक्टरों की टीम ने किया शव का पोस्टमार्टम, परिजनों ने संस्कार करने से किया इंकार


Rinkle Murder case

गत 19 जुलाई को हुए रिंकल हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट के आदेशों पर शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाना था, जिसके चलते सुबह ही सिविल अस्पताल और सी.एम.सी. अस्पताल में भारी फोर्स लगा पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने पहले परिजनों को अस्पताल आकर कागजातों पर हस्ताक्षर करने को कहा, जिसके बाद परिजन सुबह समय पर अस्पताल पहुुंच गए, एक बार तो पुलिस को लगा कि वे पोस्टमार्टम करवाने की बात मान गए हैं, लेकिन उन्होंने कागजातों पर हस्ताक्षर करने से साफ इंकार कर दिया और पुलिस की लाख मिन्नतें करने के बाद भी यह कहकर वापस लौट गए कि नीटू की गिरफ्तारी होने के बाद ही वे रिंकल के पोस्टमार्टम के कागजातों पर हस्ताक्षर करेंगे।

वे तो सिर्फ रिंकल का शव लेने आए थे। परिजनों के वापस लौटने के बाद पुलिस की तरफ पोस्टमार्टम करने वाली सिविल अस्पताल के डाक्टरों के बोर्ड की टीम तैयार करवाई गई। माहौल खराब होने के डर से रिंकल के शव को सिविल अस्पताल नहीं लाया गया और पुलिस सुरक्षा के बीच डाक्टरों की टीम को सी.एम.सी. अस्पताल ले जाया गया।

जहां पर डाक्टरों को डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि पुलिस को सी.एम.सी. अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए आज्ञा लेनी जरूरी थी, जिसके बाद डाक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम किया और वापस सिविल अस्पताल पहुंचे। पुलिस की तरफ से शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। भाई मनी खेड़ा के अनुसार परिवार की विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के साथ सर्कीट हाऊस में बैठक हुई हैं, जब तक कांगे्रसी पार्षद नीटू को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। इसी के साथ उनकी मांग है कि उनके परिवार की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाए, पुलिस ने खानापूर्ति के लिए उसके साथ एक गनमैंन लगा दिया है। भाई मनी के अनुसार विधायक बैंस की तरफ पुलिस कमिश्रर से पार्षद को पकडऩे की फोन पर बात हुई है और उन्होंने सोमवार तक नीटू के पकड़े जाने का आश्वासन दिया है। भाई का आरोप है कि उन्हें अभी तक नीटू को मामले में नामजद किए जाने की एफ.आई.आर. की कॉपी नहीं दी गई है और न ही पुलिस की तरफ से उसकी बहन कवलप्रीत कौर, पड़ोसी अमरजीत सिंह, नीलम कौर के 161 के बयान नोट किए गए हैं, जबकि उन्होंने 21 जुलाई को माननीय पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट और पुलिस कमिश्रर को डाक के माध्यम से अपनी शिकायत की है।

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