बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने मांगें पूरी न होने पर किया विरोध प्रदर्शन


लुधियाना – यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने आइबीइए के 2 प्रतिशत के प्रस्ताव के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान वेतन संशोधन की मांग की। लुधियाना इकाई ने भारतीय स्टेट बैंक, फव्वारा चौक के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। कामरेड नरेश गौड़ कन्वीनर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन, कामरेड जेपी कालड़ा, प्रधान, एसबीआइ ऑफिसर्स एसोसिएशन, कामरेड पवन ठाकुर, प्रधान, पंजाब बैंक इंप्लाइज फेडरेशन, कामरेड जे एस मागट, डिप्टी महासचिव, एसबीआइ ऑफिसर्स एसोसिएशन, कामरेड इकबाल सिंह मल्ही, डिप्टी महासचिव, कामरेड केके खुल्लर, क्षेत्रीय सचिव, एसबीआइ स्टाफ एसोसिएशन, कामरेड गुरमीत सिंह एवं कामरेड चिरंजीव जोशी, एआइबीओए ने बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि आइबीए ने कर्मचारी एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन के साथ वेतन संशोधन एवं अन्य सेवा शतरें का समझौता किया।

एक नवंबर 2017 से सेवा शर्तो में जरूरतों को देखते हुए माग पत्र फरवरी व मई 2017 को आइबीए को सौंपा गया। दो मई 2017 को आइबीए ने यूनियनों के साथ इस अश्वासन के साथ बातचीत शुरू की कि वार्ता अक्तूबर तक पूरी कर दी जाएगी। कई दौर की वार्ता की गई। हर बार यूनियनों ने आइबीए के वेतन संशोधन के प्रस्ताव का इंतजार किया। किंतु आइबीए लगातार वेतन संशोधन के मुद्दे पर चुप्पी साधे रहा। काफी लंबे इंतजार के बाद फरवरी 2018 में यूनियन ने 15 मार्च 2018 को अखिल भारतीय हड़ताल पर जाने का फैसला किया। इस फैसले के चलते, आइबीए ने 21 फरवरी 2018 को यूनियनों को आगे की वार्ता के लिए बुलाया, परंतु इसी दौरान नीरव मोदी के घटनाक्रम के चलते 21 फरवरी 2018 की मीटिंग रद्द कर दी गई। आइबीए ने यूनियनों को पांच मई 2018 को फिर से बातचीत करने के लिए बुलाया, किंतु यूनियनों को आइबीए के दो प्रस्ताव मंजूर नहीं थे। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी न होने की सूरत में 30 मई सुबह 6 बजे से लेकर 1 जून सुबह 6 बजे तक 48 घटे लगातार कर्मी हड़ताल करेंगे।

  • 2.3K
    Shares

LEAVE A REPLY