ऑनलाइन शॉपिंग और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो आप हो सकते है धोखाधड़ी के शिकार


Online transactions

पिछ्ले कुछ वर्षों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में तेजी आई है. ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन मनी ट्रांसफर जैसी डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है. लेकिन ऑनलाइन या डिजिटल लेनदेन के दौरान धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. लिहाजा लेन-देन के समय ग्राहकों को सतर्क और सावधान भी रहना चाहिए. आगे कुछ ऐसे उपायों पर चर्चा की गई है जिनकी मदद से आप ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं. हाल ही में एसबीआई ने ट्विटर के माध्यम से अपने ग्राहकों को 10 टिप्स सुझाए थे.

  • पब्लिक डिवाइस के जरिये कोई ट्रांजेक्शन न करें. हमेशा अपने निजी और सुरक्षित डिवाइस से लेनदेन करें.
  • सिर्फ उन्हीं वेबसाइटों पर ही पेमेंट करें जिनसे आप परिचित हैं. भुगतान के लिए सिर्फ ‘https’ वाली सिक्योर्ड वेबसाइट का ही चयन करना चाहिए. यदि वेबसाइट का URL ‘http://’ से शुरू होता है तो उस पर अपना डेटा शेयर करने से बचें.
  • ओपन/ फ्री नेटवर्क के जरिये ट्रांजेक्शन से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा वेरिफाइड या भरोसेमंद ब्राउजर्स का ही इस्तेमाल करें.
  • ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के दौरान हमेशा वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) का विकल्प चुनना चाहिए.
  • पासवर्ड, वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी), पिन, कार्ड वेरिफिकेशन कोड और यूपीआई पासवर्ड किसी भी सूरत में किसी के साथ साझा न करें.
  • बेहतर एंटी-वायरस प्रॉटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करने करें ताकि आपको समय-समय पर चेतावनी मिल सके कि आपका इंटरनेट कनेक्शन कब सुरक्षित नहीं है.
  • सभी अकाउंट का पासवर्ड एक जैसा न रखे. अलग-अलग पासवर्ड सेट करें. पासवर्ड में वाक्यांश के जैसा बनाएं तो बेहतर होगा.
  • पासवर्ड रिकवरी के लिए स्मार्ट तरीकों का इस्तेमाल करें और हर छः महीने में अपना पासवर्ड बदलते रहें. फोन पर या कागज पर लिखकर किसी को अपनी पर्सनल जानकारी देने से बचें.
  • फिशिंग ईमेलों पर क्लिक करने से दूर रहें और ईमेल विज्ञापनों में दिए गए लॉटरी में जीत की खबर पर भी भरोसा न करें.
  • अनजानी साइटों से डाउनलोड करना बंद करें. किसी भी अनजान साइट से किए गए डाउनलोड में वायरस या मैलवेयर रह सकता है.
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