नगर निगम कूड़ा डंप और प्रोसेसिंग प्लांट पर 24 घंटे सीसीटीवी की मदद से रखेगी नजर


 

CCTV Camera

लुधियाना – नगर निगम के अफसरों की कूड़ा प्रबंधन को लेकर अलग-अलग अथॉरिटीज के सामने जमकर किरकिरी हो रही है वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मॉनिटरिंग कमेटी निगम अफसरों की क्लास ले चुकी है और इधर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने भी निगम पर नकेल कसी है। कूड़ा प्रबंधन को दुरुस्त करने का जिम्मा निगम कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़ ने अब खुद अपने हाथों में ले लिया। कमिश्नर अब कूड़ा डंप व उसमें लगे प्रोसेसिंग प्लांट पर 24 घंटे नजर रखेंगी।

इसके लिए निगम कमिश्नर ने ताजपुर रोड कूड़ा डंप में लगे सीसीटीवी कैमरों को अपने मोबाइल से जोड़ दिया है। कमिश्नर किसी भी समय अपने मोबाइल पर प्रोसेसिंग प्लांट की कारगुजारी के साथ-साथ डंप में पहुंचने वाले कूड़े की मात्रा चेक कर सकेंगी। कमिश्नर की इस कवायद के बाद एटूजेड कंपनी पर भी दबाव बढ़ गया है और कंपनी ने भी शहर में समय पर कूड़ा लिफ्ट करना शुरू कर दिया है। शहर में कूड़ा प्रबंधन सही न होने की वजह से स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई। यही नहीं शहर में कई दिनों तक कूड़े की लिफ्टिंग न होने की वजह से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की खिंचाई के बाद पीपीसीबी ने भी नगर निगम को 50 लाख रुपये बैंक गारंटी जमा करवाने का नोटिस भेजा था और साथ ही निगम को कूड़ा प्रबंधन के लिए टाइम बाउंड एक्शन प्लान तैयार करने को कहा था।

निगम कमिश्नर ने पीपीसीबी के चेयरमैन को कहा था कि शहर में जल्दी ही कूड़ा प्रबंधन के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद निगम कमिश्नर पीपीसीबी अफसरों के साथ ताजपुर रोड स्थित कूड़ा डंप का दौरा किया। इस दौरान भी एटूजेड कंपनी की खामियां सामने आई थी। इस पर पीपीसीबी अफसरों ने फिर से कंपनी को नोटिस जारी कर मानकों के हिसाब से प्रोसेसिंग करने को कहा। उसके बाद निगम कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़ ने कूड़ा डंप पर खुद नजर रखने के लिए वहां लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को अपने मोबाइल से जोड़ दिया।

कमिश्नर के अलावा हेल्थ ब्रांच के प्रमुख व जोनल कमिश्नर नीरज जैन के मोबाइल से भी सीसीटीवी कैमरों को जोड़ दिया गया है। समय पर करने लगी है कंपनी कूड़े की लिफ्टिंग नगर निगम ने एटूजेड कंपनी को शहर के अलग-अलग सेकेंडरी कूड़ा डंपों से कूड़ा लिफ्ट करने के लिए टाइम टेबल दिया है। पर कंपनी समय पर कूड़ा लिफ्ट नहीं कर रही थी। तीन दिन से कमिश्नर लिफ्टिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक की पूरी प्रक्रिया को अपने मोबाइल पर चेक कर रही हैं।

नतीजा यह है कि शहर में अब समय पर कूड़े की लिफ्टिंग होने लगी है। सीसीटीवी के जरिए डंप में कूड़े को तोलाने की प्रक्रिया और प्रोसेसिंग प्लांट पर नजर रहती है। सीसीटीवी से यह पता चल जाता है कि कूड़े का टिप्पर कितने बजे डंप पर पहुंच रहा है।

कूड़ा लिफ्ट करते ही ड्राइवर निगम अफसरों को भेजता है फोटो

कूड़ा लिफ्टिंग समय पर हो रही है या नहीं इसके लिए जोनल कमिश्नर ने नई प्रक्रिया शुरू कर दी। सेकेंडरी डंप पर कूड़ा लिफ्ट करने के बाद टिप्पर के ड्राइवर को खाली डंप की फोटो खींच कर संबंधित चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर व हेल्थ ब्रांच के प्रमुख को भेजनी होती है। अगर कोई ड्राइवर समय पर कूड़े की लिफ्टिंग नहीं करवा रहा है तो इसकी सूचना तुरंत कंपनी के अधिकारियों को दी जा रही है।

शहर से रोजाना निकलता है 1200 टन कूड़ा

लुधियाना शहर में रोजाना 1200 टन के करीब कूड़ा निकलता है। कंपनी अब सेकेंडरी डंपों से पूरा कूड़ा लिफ्ट करके ताजपुर रोड मेन कूड़ा डंप तक पहुंचा रही है। डंप पर कंपनी की तरफ से एक प्रोसेसिंग प्लांट लगाया है। प्रोसेसिंग प्लांट में रोजना करीब 600 से 700 टन कूड़े की प्रोसेसिंग हो पा रही है। जबकि बाकी कूड़ा बिना प्रोसेस किए ही डंप पर जमा हो रहा है।

प्लांट में लगाए गए हैं कैमरे

कंपनी की तरफ से कूड़ा डंप व प्रोसेसिंग प्लांट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनको कमिश्नर और जोनल कमिश्नर के मोबाइल से जोड़ दिया गया है। वह किसी भी समय अपने मोबाइल से पूरी प्रक्रिया को देख सकते हैं। – विशांत चौधरी, इंचार्ज एटूजेड कंपनी लुधियाना।

नजर रखने के लिए लगाए हैं सीसीटीवी

मैंने कुछ दिन पहले प्लांट का दौरा किया था। कुछ खामियां नजर आई थी। प्लांट व डंप पर नजर रखने के लिए वहां कंपनी सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। अब मैं भी उन कैमरों के जरिए कंपनी की कारगुजारी को चेक किया जा सकेगा। – कंवलप्रीत कौर बराड़, नगर निगम कमिश्नर।


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