आखिर पंजाब सरकार ने ली मशहूर एक्‍टर सतीश कौल की सुध, डीसी से मांगी रिपोर्ट


पंजाबी सिनेमा के मशहूर एक्‍टर सतीश कौल की हालत पर आखिरकार पंजाब सरकार ने सुध ली है जिसमें मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लुधियाना के डीसी को सतीश कौल से मिलने और उनके बारे में सारी जानकारी की रिपोर्ट कैप्टन सरकार को भेजने को कहा गया है| मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार सतीश कौल की निश्चित तौर पर और पूरी मदद करेगी।

अभी पंजाबी सिनेमा पर राज करने वाले सतीश कौल की हालत बेद खराब है और वह पाई-पाई को मोहताज हैं। वह अपना इलाज कराने की हालत में भी नहीं है। दर्द की इस घड़ी में उनको अपना कोई सहारा नजर नहीं आ रहा है। उनकी पीड़ा उनके लिखे इन शब्‍दों से समझा जा सकता है। ‘मेरे मरने की जल्द तारीख लिख दो, कैसे बर्बाद हो रहा मेरा बुढ़ापा लिख दो और लिख दो कैसे मेरे होंठ खुशी को तरस रहे, कैसे बरस रहा मेरी आंखों का पानी लिख दो’। ये पंक्यिां उनकी तन्हाइयों को बयां करने के लिए काफी हैं।

सतीश कौल आज पाई-पाई को मोहताज हैं। रही सही कसर सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी से मिलने वाली पेंशन रोक कर पूरी कर दी थी। 30 साल तक पंजाबी और हिंदी सिनेमा पर राज करने वाले अब गुमनामी की जिंदगी जीने को विवश हैा। उनका जन्म 8 सितंबर 1954 को कश्मीर में हुआ था। पिता मोहन लाल कौल मौसिकी (शायरी) करते थे। उन्होंने कश्मीर की मौसिकी को दुनिया भर में प्रसिद्ध किया।

सतीश कौल ने बताया कि पिता के कहने पर 1969 में पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में ग्रेजुएशन के लिए गया था जहां जया बच्चन, डैनी और शत्रुघ्न सिन्हा का बैच मेट रहें थे। सतीश कौल ने 1973 में पहली फिल्म की और बाद में 300 से भी ज्यादा हिंदी और पंजाबी सिनेमा में काम किया।

सतीश कौल ने बताया कि जुलाई 2014 में बाथरूम में नहाते समय गिर गए और उनका कूल्हा टूट गया। मुंबई के एक अस्पताल में इलाज में सारी जमा पूंजी खर्च हो गई। उनको ढाई साल तक बेड पर पड़ा रहना पड़ा। इस दौरान पटियाला के एक अस्पताल में भी उनको समय बिताना पड़ा।

सभी साथ छोड़ गए

सतीश कौल ने कहा कि जो कभी हिंदी सिनेमा में साथ थे और अभिनय के समय लंबी आयु की कामना करते थे, साथ छोड़ गए। 2015 में प्रकाश सिंह बादल की सरकार के समय पंजाबी यूनिवर्सिटी से 11 हजार रुपये की पेंशन लग गई। इसके बाद लुधियाना आकर एक्टिंग स्कूल खोला, पर वह फ्लॉप हो गया। बेरुखी ऐसी कि वृद्ध आश्रम में रह रहा था। वहां से चाहने वाली एक महिला अपने घर ले आई। हालात ये हैं कि कांग्रेस सरकार आते ही पेंशन तक रोक दी गई। बकौल सतीश कौल, मैं सांसद रवनीत बिट्टू के पास छह बार जा चुका हूं, जरूरत सिर्फ पेंशन शुरू करवाने की। इसके अलावा एक घर की मांग है, जो नहीं मिल रहा है। अगर दिलवा दें तो मेहरबानी होगी।

कोई धर्मेद्र जी को ही हाल बता दे

सतीश कौल ने कहा कि मैंने धर्मेंद्र जी, गोविंदा, देवानंद, दिलीप कुमार के साथ फिल्में की हैं। सुना है धर्मेंद्र जी सबका सहयोग करते हैं। मेरे पास उनका संपर्क नंबर नहीं है। अगर कोई उन्हें बताए तो मेरा सहयोग जरूर करेंगे।


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