महानगर में सक्रिय रेत माफिया डी.सी. के राडार पर – चैकिंग के लिये फील्ड में उतरे अधिकारी


illegal Mining

महानगर में सक्रिय रेत माफिया अब डिप्टी कमिश्नर प्रदीप कुमार अग्रवाल के राडार पर आ गया है। डी.सी. द्वारा अवैध माइङ्क्षनग के मामले पकडऩे के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा फील्ड में चैकिंग की जा रही है। जानकारी के मुताबिक फिरोजपुर रोड से लेकर लाडोवाल तक बन रहे बाईपास के निर्माण की प्रोग्रैस रिव्यू करने के लिए डी.सी. ने शनिवार को सिंधवा नहर के साथ लगते इलाके का दौरा किया था।

इस दौरान डी.सी. को रेत से भरे कई टिप्पर नजर आए, जिन्हें पकडऩे के लिए डी.सी. ने जिप्सी में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए लेकिन टिप्पर ड्राइवरों ने पहले गाडिय़ां दौड़ा लीं और बाद में रेत को अनलोड करके टिप्पर वहीं छोड़कर फरार हो गए। इस पर डी.सी. ने माइनिंग विभाग व पुलिस के अधिकारियों को सूचना देकर मौके पर बुलाया, जिनकी शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है।

रेत माफिया को मिल रहे सियासी संरक्षण के कारण चल रहा है गोरखधंधा

ऐसा नहीं है कि डिप्टी कमिश्नर ने इस इलाके में पहले दिन हो रही अवैध माइङ्क्षनग का मामला पकड़ा है, बल्कि यह गोरखधंधा काफी देर से चल रहा है। मगर सियासी संरक्षण के चलते किसी अफसर ने कार्रवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटाई है।

रद्द हो चुकी साइट से हो रही थी रेत की चोरी

डी.सी. के निर्देश के बाद एडीशनल डिप्टी कमिश्नर इकबाल सिंह व ए.सी.पी. गुरप्रीत सिंह ने साइट पर जाकर जायजा लिया। इस दौरान यह बात सामने आई कि रा४जोवाल की जिस साइट से रेत की चोरी की जा रही थी वहां माइङ्क्षनग करने की मंजूरी एक हफ्ते पहले रद्द हो चुकी थी।

कानून की पकड़ से बच जाते हैं मास्टर माइंड

रेत माफिया के मामले में आमतौर देखने को मिलता है कि गाड़ी के ड्राइवर या मालिक के खिलाफ ही कार्रवाई होती है, जबकि मास्टर माइंड हर बार बच जाते हैं। ऐसा ही डिप्टी कमिश्नर द्वारा पकड़े गए मामले में होने की आशंका है, क्योंकि केस अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है।

  • 25
    Shares

LEAVE A REPLY