बसपा व कांग्रेसी समर्थकों में हुआ टकराव, निकाली गई किरपानें – स्थिति बनी तनावपूर्ण


फिल्लौर के नजदीकी गांव नंगल में पंचायती चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। बसपा पार्टी के पूर्व सरपंच व मौजूदा कांग्रेसी समर्थकों के बीच कल देर शाम जमकर टकराव हुआ, जिसमें किरपानें निकल गईं। लोगों ने कांग्रेसियों की मदद का आरोप लगाकर एक घंटे तक पुलिस की गाड़ी कतो घेरे रखा व बसपा पार्टी ने थाने के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।

पंचायती चुनावों के बेशक परिणाम घोषित हुए 3 दिन हो चुके हैं, परन्तु परिणामों के बाद भी गांव नंगल में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। आज शाम 4 बजे गांव का माहौल उस वक्त तनावपूर्ण बन गया, जब गांव के पूर्व सरपंच खुशी राम, जो बसपा पार्टी से संबंधित है, के समर्थकों ने आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले के रहने वाले कुछ लोग, जो कांग्रेसी सरपंच की हिमायत करते थे, जितने के बाद से उन्हें जाति सूचक शब्द बोल गालियां देते आ रहे हैं। आज जब उन्होंने उनका विरोध किया तो वह घर में पड़े तेजधार हथियार कृपानें निकालकर उनके घरों पर जानलेवा हमला बोलने के लिए आ धमके। घटना का पता चलते ही बसपा पार्टी के नेता अमृत भौंसले अपने समर्थकों सहित वहां पहुंच गए व उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। भौंसले ने आरोप लगाया कि उन्होंने मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी को घर के बाहर लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे की फुटेज दिखा आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की, परन्तु पुलिस ने कांग्रेस पार्टी के दबाव में आते हुए उल्टा आरोपियों को घटना स्थाल से भगाने में उनकी मदद कर दी, जिस पर लोगों का रोष भड़क उठा और उन्होंने पुलिस पार्टी की गाड़ी को घेर लिया। उसमें बसपा पार्टी के नेता सवार होकर मांग करने लग पड़े कि अगर पुलिस ने धक्काशाही ही करनी है तो वह उन्हें मुजरिम बनाकर थाने ले जाएं।

लोगों ने कांग्रेस के एम.पी. चौधरी संतोख सिंह के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करनी शुरू कर दी। लोगों को शांत करने के लिए पुलिस एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाने ले गई, जबकि मोहल्ला निवासी और बसपा वर्कर कांग्रेस पार्टी मुरदाबाद के नारे लगाते हुए पैदल मार्च करते हुए पुलिस थाने पहुंचे।पुलिस थाने पहुंच माहौल उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया, जब बसपा पार्टी ने कांग्रेसी समर्थकों के विरुद्ध एस.सी. एस.टी. एक्ट और शस्त्र लहराने का मुकद्दमा दर्ज करने की मांग रखी, जब पुलिस ने जांच करने की मांग कही तो सभी ने थाने के बाहर ही धरना देकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस कांग्रेसियों के दबाव में आकर मुकद्दमा दर्ज करने में आनाकानी कर रही है, जबकि उनके पास सी.सी.टी.वी. कैमरे की वह फुटेज भी मौजूद है, जिसमें कांग्रेसी समर्थक तलवारे लहराते हुए उनके समर्थकों के घरों पर हमला बोल रहे है। जब तक पुलिस मुकद्दमा दर्ज नहीं करती उनका रोष प्रदर्शन जारी रहेगा। इस संबंध में कांग्रेसी सरपंच तारा चंद ने कहा कि वह समारोह में भाग लेने के लिए गए हुए थे, उन्हें नहीं पता मोहल्ले में पीछे क्या घटना घटित हुई, जबकि थाना प्रभारी जङ्क्षतदर कुमार ने कहा कि मोहल्ला निवासी संयम रखें पुलिस जांच कर रही है, जो भी दोषी पाया गया उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

 


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