सिविल लाइन की ओर रेलवे स्टेशन पर एक वर्ष से बन रहा एस्केलेटर अब तक है अधूरा – बच्चे, बूढ़े और दिव्यांग हो रहे हैं परेशान


Construction of Escalator is incomplete from Last one year at Ludhiana Railway Station

एक करोड़ पच्चीस लाख की लागत से सिविल लाइन रेलवे स्टेशन की ओर तैयार होने वाला एस्कलेटर नवंबर में तैयार होना था लेकिन नहीं बन पाई। एस्कलेटर (सीढ़ी) करीब एक वर्ष से बन रहा है पर अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। रेलवे स्टेशन पर एक्सलेटर सुविधा बंद होने से दिव्यांगों को परेशानी हो रही हे। स्टेशन अधीक्षक अशोक सिंह सलारिया का कहना है कि एक्सलेटर खराब होने से फिलहाल दिव्यांग लिफ्ट से आवागमन कर रहे है। जल्द एक्सलेटर ठीक हो जाएगी जिससे उनकी परेशानी दूर होगी।

लिफ्ट पर पड़ रहा बोझ

स्टेशन पर एक्सलेटर खराब होने से यात्रियों का बोझ लिफ्ट पर पड़ रहा है जिससे लिफ्ट भी खराब हो सकता है। हालांकि लिफ्ट में वजन ले जाने लाने का लिमिट है लेकिन यात्री जबरन इसमे सवार हो रहे है जिससे कभी कभी अधिक भार होने के बाद लिफ्ट काम करना बंद कर देती है। यात्री उतरने के बार वजन बराबर होने से लिफ्ट चलती है। ऐसे में लगातार इस तरह वजन का दबाव रहा तो आने वाले दिनों में लिफ्ट पर भी असर पड़ सकता है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि जब से एक्सलेटर खराब हुआ है तब से लिफ्ट में स्थाई तौर से कर्मचारी डयूटी दे रहा है ताकि लिफ्ट में ज्यादा लोग ना चढ़े। जबकि भीड़ बढऩे से लिफ्ट लगातार चलाने का क्रम जारी है।

एक्सलेटर की हो रही पूरी जांच ताकि स्टेशन के फ्रंट में लगा एस्कलेटर की तरह यह भी खराब ना होते रहे। एक्सलेटर के बारे में फिरोजपुर रेल मंडल के सीनियर सेक्शन इंजिनीयर तरूण कुमार का कहना है कि सिविल लाइन की ओर बनने वाली एस्कलेटर अच्छी तरह पड़ताल कर बनाया जा रहा है ताकि आने वाले वक्त में यात्रियों को परेशानी ना हो। वहीं यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक्सलेटर की जांच होनी अत्यंत जरूरी है, नहीं तो कभी कोई दुर्घटना हो सकती है।

जल्द बन जाएगा एस्कलेटर – डायरेक्टर

लुधियाना रेलवे स्टेशन के सिविल लाइन की ओर बन रहा एस्कलेटर जल्द बन जाएगा। लुधियाना रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर अभिनव सिंगला से बात करने पर उन्होने कहा कि एस्कलेटर का वर्क जारी है।

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