डाक्टर ने की घिनौनी करतूत मरीज की टांग काट बनाया तकिया


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डाक्टरों को इस समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है। इस दर्जे को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार मामला पटना के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी का है। यहां इटायल से मऊरानीपुर जा रही स्कूली बस ट्रैक्टर को बचाने के चक्कर में पलट गई। हादसे में 11वीं की छात्रा मालती (17) निवासी लरोनी, भागवत राजपूत (18) निवासी इटायल और बस का क्लीनर घनश्याम निवासी इटायल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, लेकिन घनश्याम की हालत बिगड़ते देख उसे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया। लेकिन मेडिकल कॉलेज में डाक्टरों ने घायल की बेकदरी की और जख्मी पैर को ऑपरेशन कर काट दिया। पैर को काटने के बाद डाक्टर ने तकिये की जगह मरीज के सिरहाने उसी का कटा हुआ पैर रख दिया।

सोशल मीडिया में यह फोटो वायरल होते ही मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। जिसके बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है। मेडिकल कालेज में हुई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के निर्देश पर शासन ने कड़ी कार्रवाई की है। आशुतोष टंडन के निर्देश पर दो वरिष्ठ डाक्टरों सीनियर आर्थोपैडिक सर्जन आलोक अग्रवाल व इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डॉ. महेंद्र पाल सिंह और दो स्टाफ नर्सों दीपा नारंग व शशि श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. हरीश चन्द्र आर्य ने कहा, ‘तकिया की जगह पर मरीज का कटा पैर सिरहाने पर लगाना गलत है। इस मामलो में जांच की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले संबंधित डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

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