सिधवां नहर में काली राख डालने वालों के खिलाफ दर्ज हुई FIR


पंजाब की औद्योगिक राजधानी लुधियाना के प्रमुख साइकिल कारोबारियों द्वारा सिधवां नहर में राख के बोरे फैंकने से नहर का पानी काला होने का वीडियो पूरे पंजाब में तेजी से वायरल हुआ जिसके बाद साइकिल कारोबारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। स्मरण रहे कि पंजाब में पानियों के प्रदूषण का मुद्दा काफी गर्माया हुआ है। नहरी विभाग से जुड़ा होने के चलते विभाग के अधिकारियों ने इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए सिधवां नहर में प्रदूषण फैलाने के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित थाना दोराहा में कनाल एक्ट अधीन मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। सिधवां कनाल में काली राख फैंकने का वायरल हुआ वीडियो 9 जून का है, जिसमें सफेद रंग की एक हांडा अमेज कार में सवार होकर आए व्यक्तियों द्वारा राख से भरे कुछ बोरे नहर के पानी में गिराते दिख रहे हैं। वहीं 2 बोरे कार के करीब पड़े दिखाई दे रहे हैं।

हवन सामग्री व पूजा की राख थी : संजीव जैन

सिधवां नहर में काली स्वाह फैंकने के वायरल वीडियो की पड़ताल करने के बाद यह मामला फोकल प्वाइंट में साइकिल पार्ट्स निर्माता कम्पनी गणपति इम्पैक्स के मालिक संजीव जैन से जुड़ा पाया गया। उन्होंने माना कि सिधवां कनाल में उनके द्वारा फैंकी गई राख असल में हवन सामग्री और पूजा की राख है, जोकि उन्होंने पंडित के कहने पर नहर में जल प्रवाह की है।

नहरी पानी में किसी प्रकार की सामग्री फैंकना है प्रतिबंधित

नहर विभाग के एस.ई. वरिंद्रपाल सिंह का कहना है कि नहर के पानी में किसी प्रकार की सामग्री फैंककर इसे प्रदूषित करना दंडनीय अपराध है और कनाल एक्ट के तहत इस पर पूरी तरह पाबंदी है। लुधियाना में फेसबुक और व्हाट्सएप पर यह वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें 2 शख्स सिधवां नहर में काली स्वाह फैंकते दिखाए गए हैं। इसके अलावा उनकी कार का नंबर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। नहरी विभाग की ओर से हमने थाना दोराहा के अधिकारियों को कनाल एक्ट की धारा-70 (5) के अंतर्गत संबंधित व्यक्तियों पर मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। बता दें कि सिधवां नहर में रोजाना सैंकड़ों लोगों द्वारा पूजा सामग्री, कूड़ा-कचरा फैंककर इसे प्रदूषित किया जाता है और नहर में गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं, क्या प्रशासन का इस तरफ ध्यान जाएगा।

 

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