सिद्ध पीठ श्री दण्डी स्वामी मंदिर में हुआ श्री गौर कथा का आयोजन


लुधियाना – श्री सिद्ध पीठ श्री दण्डी स्वामी मंदिर में श्री दण्डी स्वामी महाराज जी की शुभेच्छा,आज्ञा और आशीर्वाद से पावन ऋषि पंचमी महोत्सव के उपलक्ष्य में श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु चरित्र आश्रित भावपूर्ण एवं संकीर्तनमय श्री गौर कथा (नीलाचल लीला) का आयोजन प. श्री राज कुमार शर्मा जी की अध्यक्षता में करवाई जा रही है।जिसमें विशेष रूप से श्री धाम वृन्दावन से कथा व्यास परम वैष्णव,नामनिष्ठ श्री गौरदास जी महाराज जी ने कथा करते हुए बताया कि महाप्रभु जी ने अपने वाराणसी प्रवास के दौरान सनातन गोस्वामी जी परमानंद आदि संतो को कृष्ण राधा प्रेम एवं भक्ति में विभोर कर ही दिया साथ ही साथ स्वामी प्रकाश नंद जी सरस्वती जी जिनके बहुत अधिक शिष्य थे और वो महाप्रभु जी का बहुत विरोध करते थे. उनको कृष्ण भक्ति में ऐसा विभोर कर दिया कि उन्होंने अपने अधिक शिष्यों सहित महाप्रभु जी से दीक्षा ले ली और वाराणसी छोड़ वृन्दावन आ गए।

इस प्रकार पूरे वाराणसी को राधा कृष्ण मय बनाकर महाप्रभु जी नीलाचल (जगन्नाथ पुरी) की ओर चले तो रास्ते में एक ग्वाले ने घर जा कर देखा तो उसका पूरा धड़ा रत्नों से भरा हुआ था।ग्वाले ने पूरे जीवन हरि बोल हरि बोल करते हुए व्यतीत किया और अंत में प्रभु के दर्शन करते हुए प्रभु के धाम हो गए।प. राज कुमार शर्मा जी ने बताया कि कथा प्रतिदिन 9 अगस्त तक सायंकाल 6 बजे से 8.30 बजे तक होगी।इस अवसर पर जतिन,प.   गोपाल शर्मा,प. नंदलाल शर्मा,प. रघुबीर शर्मा,चेतन खोसला,गुलशन नागपाल,दिनेश जिंदल,महिंदर आनंद,सुभाष ग्रोवर,केशव जोशी,विशाल अरोड़ा,हरिपाल आहूजा,कपिल शर्मा,बृजमोहन ढींगरा,जगदीश छाबड़ा,संदीप लाम्बा,पुनीत शर्मा,काले खान,नरिंदर शर्मा,रवि मलोहत्रा,नीरज सभरवाल,पीयूष गोयल,माधव कालड़ा,सुरिंदर शर्मा,तीर्थ राम,प्रवीण गुप्ता,सतीश जैन,हरीश जैन,हर्षमोहन,राजेश गाबा आदि उपस्थित थे।

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