सलेम टाबरी इलाके में लोहड़ी का डिब्बा देने के बहाने घर में दाखिल हुए 3 लुटेरे, तेजधार हथियार दिखा लाखों के आभूषण व नकदी लूटकर हुए फरार


कल देर शाम सलेम टाबरी की गुरु सागर विहार कालोनी में गारमैंट्स के एक कारोबारी के घर लोहड़ी का डिब्बा देने के बहाने घर में दाखिल हुए 3 लुटेरे बच्चों की गर्दन पर तेजधार हथियार रख कर लाखों के आभूषण व नकदी लूटकर फरार हो गए। जाते वक्त लुटेरे सभी को एक कमरे में बंद कर मोबाइल दूसरे कमरे में फैंक गए। भाग्यवश एक मोबाइल उनके पास ही रह गया। लुटेरों के जाने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी जिन्होंने आकर उन्हें कमरे से बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।

उधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। असिस्टैंट पुलिस कमिश्नर लखबीर सिंह टिवाणा, थाना प्रभारी इंस्पैक्टर विजय शर्मा भारी पुलिस सहित घटनास्थल पर पहुंचे व आसपास के इलाकों को सील करके गश्त बढ़ा दी गई, परंतु बावजूद इसके पुलिस के हाथ कोई सफलता नहीं लगी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सी.सी.टी.वी. कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। जिस जगह पर वारदात को अंजाम दिया गया उसके आसपास घनी आबादी है। पुलिस का कहना है कि घटना को बड़े ही सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है। लुटेरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले अच्छी तरह से रेकी की होगी।

एक पहले घर में दाखिल हुआ, 2 ने कुछ पल बाद ही धावा बोला

घटना गत दिवस शाम करीब 6 बजे की है। घर पर 55 वर्षीय इंद्रजीत कौर, उसकी 28 वर्षीय बहू कमलप्रीत कौर व 2 पोतियां जपनूर व जैसलीन मौजूद थी। इंद्रजीत का बेटा नरेंद्र सिंह काम पर गया हुआ था। तभी मोटरसाइकिल पर एक युवक आया जिसके पास मिठाई का डिब्बा था। उसने इंद्रजीत से कहा कि उसे हैप्पी ने लोहड़ी का डिब्बा देकर भेजा है। लुटेरे के नापाक इरादों से अंजान इंद्रजीत ने उसे घर के अंदर आने दिया। उन्होंने मेहमान समझ कर उसकी खातिरदारी शुरू ही की थी कि तभी उसके 2 साथी दनदनाते हुए घर के अंदर घुस गए जिसके बाद तीनों ने तेजधार हथियार निकाल लिए और चारों को जाने से मारने की धमकी देकर एक कमरे में ले गए जहां लुटेरें मासूम बच्चों की गर्दन पर तेजधार हथियार रखकर सोने के गहने व 5 हजार की नकदी लूटकर फरार हो गए और बाहर से कमरे को कुंडी लगा गए।

लुटेरे 15 मिनट तक ढाते रहे कहर

इंद्रजीत ने बताया कि लुटेरे करीब 15 मिनट पर कहर ढाते रहे। तब तक उनकी सांस अटकी रही। बच्चों को ढाल बनाकर लुटेरों ने उससे व उसकी बहू से सोने की 10 चूडियां इत्यादि उतरवा ली और उनके पर्स भी खंगाले जिसमें पड़ी सारी नकदी लेकर फरार हो गए। हालांकि वह लुटेरों से रहम की भीख मांगती रही लेकिन उन्हें कोई तरस नहीं आया। लुटेरे बस उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते रहे। उन्होंने बताया कि लुटेरों में 2 सिख युवक व एक मौना था जिनमें से एक पास दातर व बाकी दोनों के पास किरचें थी। तीनों बदमाश पंजाबी बोल रहे थे।

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