सेहत विभाग की टीम ने मारा अवैध हुक्काबार पर छापा, धुआं उड़ाते मिले कई युवा


हत विभाग ने अमृतसर जिले में चल रहे अवैध हुक्काबारों के खिलाफ छापामारी अभियान शुरू कर दिया है। इसमें कई युवा धुआं उड़ाते हुए मिले। वर्णनीय है कि पंजाब सरकार द्वारा अमृतसर जिले को तम्बाकू मुक्त जिला घोषित किया गया है। सरकार द्वारा कोटपा एक्ट के अंतर्गत तम्बाकू नोशी के कारण मानवीय सेहत पर पड़ रहे हानिकारक प्रभावों को रोकने के लिए गंभीरता के साथ काम किया जा रहा है। जिला अमृतसर की बात करें तो रणजीत एवेन्यू, लॉरेंस रोड आदि क्षेत्रों में कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों हेतु तम्बाकू नोशी युक्त हुक्का बार चलाकर नौजवानों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन हुक्का बारों में 14 से 30 साल की उम्र के नौजवान तम्बाकू का शिकार हो रहे हैं और कई गंभीर बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं।

4 दिन में हुक्काबार बंद न किए तो होगी कार्रवाई: डी.सी.

अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कमलदीप सिंह संघा के निर्देशों पर सेहत विभाग के जिला कोटपा अधिकारी-कम-जिला टी.बी. अधिकारी डा. नरेश चावला के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आज पॉश क्षेत्र रणजीत एवेन्यू में चल रहे अवैध हुक्काबार पर छापामारी कर 9 हुक्के तथा बड़े स्तर पर फ्लेवर तम्बाकू बरामद किए। छापामारी के दौरान हुक्काबार में 2 लड़कियां तथा 2 लड़के हुक्के का धुआं उड़ाते मिले। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 4 दिन में अवैध रूप से चल रहे हुक्काबारों को बंद न किया गया तो सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, डिप्टी कमिश्नर कमलदीप सिंह संघा ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि संबंधित थानों के एस.एच.ओ. को आदेश दिए जाएं कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत चलते हुक्काबारों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद करवाया जाए।

तम्बाकू देता है कैंसर को न्यौता

जिला कोटपा अधिकारी-कम-जिला टी.बी. डा. नरेश चावला ने बताया कि तम्बाकू युक्त पदार्थ कैंसर और अन्य भयानक बीमारियों को न्यौता देते हैं। इन पदार्थों के सेवन के साथ शरीर अंदर से खोखला हो जाता है और मानव की बीमारियों के साथ लडऩे की सहनशक्ति धीरे-धीरे कम हो जाती है। मौजूदा समय में कैंसर का मुख्य कारण तम्बाकू है और इसका लंबे समय से सेवन करने वाले मरीजों को इसका शिकार होना पड़ रहा है। नौजवान भी आधुनिक जमाने की ओर ङ्क्षखचते हुए इसकी जकड़ में आ रहे हैं, जोकि आने वाले समय के लिए एक चिंता का विषय है।

जाने क्या है कोटपा एक्ट

  • शैक्षिक संस्थाओं के 100 गज के नजदीक चलने वाली तम्बाकू की दुकानों पर मुकम्मल तौर पर पाबंदी है।
  • सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू नोशी पर पाबंदी।
  • 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों कोतम्बाकू युक्त पदार्थ बेचने पर पाबंदी है।
  • कोई भी कंपनी अपना तम्बाकू पदार्थ बेचने के लिए विज्ञापन का सहारा नहीं ले सकती आदि।
  • कोटपा एक्ट की उल्लंघना करने पर 50 रुपए से 5 हजार तक जुर्माना भी किया जा सकता है।

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