गिल चौक फ्लाईओवर चालू होने के बाद चांद सिनेमा पुल पर फिर हैवी ट्रैफिक एंट्री बंद


लुधियाना – गिल चौक फ्लाईओवर चालू होने से लोगों को जो राहत महसूस हुई है, उसके एक हफ्ते बाद ही नगर निगम ने एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत चांद सिनेमा के पास बुड्ढे नाले के ऊपर बने पुल को एक बार फिर से हैवी ट्रैफिक की एंट्री बंद कर दी गई है। यहां बताना उचित होगा कि जालंधर बाईपास साइड से जगराओं पुल जाने वाली सड़क पर चांद सिनेमा के नजदीक बुड्ढे नाले पर बना हुआ पुल करीब सौ वर्ष पुराना है।

इस पुल को कई वर्ष पहले अनसेफ डिक्लेयर किया जा चुका है लेकिन प्रशासन को यह पुल बंद करने की याद गिल चौक फ्लाईओवर के नीचे स्थित रिटेनिंग वाल गिरने के बाद आई है। गिल चौक फ्लाईओवर बंद होने से पहले जगराओं पुल का अनसेफ हिस्से पर ट्रैफिक की आवाजाही रोकने के कारण लोग बेहाल थे। इसके मद्देनजर पुलिस व निगम द्वारा अघोषित तौर पर पुल को सारे ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया था। अब गिल चौक फ्लाईओवर चालू होने के बाद निगम ने एक बार फिर से यह पुल हैवी ट्रैफिक के लिए बंद करने के लिए बैरीकेड लगा दिए हैं।

नहीं बनाया गया ट्रैफिक प्लान
जालंधर बाईपास साइड से आने वाले हैवी ट्रैफिक को जगराओं पुल या घंटा घर चौक जाने के लिए बुड्ढे नाले के ऊपर बने नए पुल से होकर गुजरना पड़ेगा लेकिन उसी प्वाइंट से शिवपुरी, गांधी नगर, चंद्र नगर, हैबोवाल व सलेम टाबरी साइड से आने-जाने वाली ट्रैफिक की क्रॉसिंग होती है और वहां लम्बा जाम लगा रहता है। इसके बावजूद पुराना पुल बंद करने से पहले ट्रैफिक प्लान नहीं बनाया गया है।

पुल को अनसेफ डिक्लेयर हुए बीत चुका है एक दशक
इस पुल को अनसेफ डिक्लेयर हुए करीब एक दशक का समय बीत चुका है लेकिन उसे दोबारा बनाने के लिए पहले पी.डब्ल्यू.डी. व नैशनल हाईवे अथॉरिटी के पाले में गेंद डाली जाती रही है। जब इन दोनों विभागों ने हाथ खड़े कर दिए तो निगम ने अपने तौर पर पुल बनाने की हामी भरी। मगर फंड की कमी के कारण आगे कुछ नहीं हो पाया और अब जब पुल को बंद करने की कोशिश की गई तो लोगों द्वारा उसे दोबारा बनाने की मांग की गई। जिस पर निगम द्वारा 3 इंजीनियरिंग कालेज से डिजाइन बनाने के लिए कोटेशन मांगी गई है। मगर कई माह बाद भी उस कोटेशन पर फीस जमा नहीं करवाई गई है।


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