बच्चों के भीख मांगने और मजदूरी करने के मामले पर हाईकोर्ट ने जताया दुख, प्रशासन से मांगा जवाब


चाइल्ड लेबर (प्रोहिबिशन एंड रैगुलेशन) एक्ट, 1986 को भी सही ढंग से लागू किया जाए, ताकि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम न करवाया जा सके। वहीं काम करने वाले 14 वर्ष से कम उम्र के जिन बच्चों की पहचान हो गई है, वे पीड़ित न बनें बल्कि उन्हें राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन एक्ट, 2009 में फ्री एजुकेशन दी जाए। प्रतिबंधित रोजगार व चाइल्ड बैगिंग से जुड़े बच्चों के पुर्नवास के लिए कदम उठाए जाएं।

डी.जी.पी. को भी दी थी शिकायत, कार्रवाई नहीं :
याची के मुतबिक सिटी ब्यूटीफुल की सड़कों पर कल का भविष्य चाइल्ड बैगिंग और चाइल्ड लेबर से जुड़ा हुआ है। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन बच्चों को स्कूल में होना चाहिए था वह भीख मांग रहे हैं, गुब्बारे, तंबाकू आदि बेच रहे हैं। चाइल्ड बैगिंग और चाइल्ड लेबर की शहर की कई अहम जगहों की जानकारी भी दी गई है।

डी.जी.पी. को भी शिकायत भी दी गई थी। कि द जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटैक्शन ऑफ चिल्डे्रन) एक्ट, 2015 भी चाइल्ड बैगिंग के खिलाफ है। चाइल्ड बैगिंग के पीछे बड़े रैकेट के होने की बात कही गई है। एंटी बेगिंग लॉ की पालना सख्ती से नहीं हो रही है। चिल्ड्रन वैल्फेयर स्कीम्स में पर्याप्त फंड होने के बावजूद प्रशासन बच्चों को फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन प्रदान करवाने में नाकाम साबित हुआ है।


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