महंगाई की मार – घरेलू गैस के बढ़े दाम, लोग परेशान


लुधियाना – महंगाई के प्रभाव से रसोई घर कराहने लगा है। जून में रसोई गैस की कीमत 723.50 रुपये थी। इसे जुलाई में बढ़ाकर 781.50 रुपये कर दिया गया है। इस तरह गैस में बढ़ोतरी होने से उपभोक्ता सकते में है। उपभोक्ता बताते हैं कि 781.50 रुपये ही नहीं वेंडर चार्ज देकर उन्हें 810 रुपये देने पड़ रहे हैं।

वीरवार को घरेलू गैस खरीदने वाले उपभोक्ताओं संजीव कुमार, बसंत सिंह, जसवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने रसोई गैस में बेतहाशा बढ़ोतरी कर कंज्यूमर्स की कमर तोड़ दी है। सरकार गरीब परिवारों के उत्थान हेतु उज्ज्वला स्कीम चला रही है लेकिन जब गैस ही महंगी है तो गरीब परिवारों का दुख किस तरह दूर होगा। उन्होंने कहा कि सरकार कम से कम रसोई गैस के दाम पर कंट्रोल करे ताकि जरूरतमंद लोगों का भला हो सके।

उज्ज्वला योजना में भी सब्सिडी की मार

घरेलू गैस की कीमत 781.50 रुपये होने पर अब लोगों को वेंडरों को खर्चा देकर 810 रुपये में सिलेंडर मिल रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि सब्सिडी भी कभी आती है तो कभी नहीं। ग्राहक पूजा झा का कहना है कि बैंक में सभी कागजात कई बार जमा करवाने के बाद बड़ी मुश्किल से दो-चार बार ही सब्सिडी आई। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ग्राहकों की सब्सिडी समय पर बैंक में भेज दें ताकि गरीब ग्राहक और उज्ज्वला योजना के अधीन गैस खरीदने वालों को राहत मिल सके। कंज्यूमर्स को घरेलू गैस सिलेंडर लेने के उज्ज्वला धारकों को भी अधिक राशि भुगतान करना पड़ रहा है और सब्सिडी गायब हो जाती है।

जीएसटी का असर

प्रधानमंत्री स्कीम उज्ज्वला योजना पर भी जीएसटी का असर पड़ा है। उज्ज्वला योजना के अधीन एलपीजी कनेक्शन वालों को भी महंगाई का सामना पड़ रहा है। उन्हें भी जीएसटी भरना पड़ रहा है। जबकि सरकार गरीब परिवारों का उत्थान करने को लेकर उज्ज्वला योजना के अधीन घरेलू गैस कनेक्शन फ्री जारी कर रही है।

रेट बढ़ाना सरकार का काम – हरदेव सिंह

एलपीजी का रेट बढ़ने के बारे में इंडियन ऑयल के सेल्स मैनेजर हरदेव सिंह ने बताया कि गैस का रेट बढ़ाना सरकार काम है। कंपनी का रेट पर नियंत्रण नहीं होता है।

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