भारत को मिला सबसे ताकतवर एसी रेलवे इंजन, इसकी रफ्तार ने उड़ा रखे हैं विदेशियों के होश


फ्रांस और भारत द्वारा मिलकर बनाए गए इस शानदार इंजन की बदौलत भारत अब उन चंद देशों में शामिलत हो गया है जिनके पास 12000 हॉर्स पावर या इससे ज्यादा की क्षमता वाला रेल इंजन है। बता दें कि चीन, जर्मनी और स्वीडन समेत चंद ही ऐसे देश हैं जिनके पास इतनी ताकत वाला इंजन है। मधेपुरा ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री में बनाए गए इस इंजन का आज पीएम नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया। साथ ही साथ पीएम ने मधेपुरा ग्रीनफील्ड इलेक्ट्रिव लोकोमोटिव फैक्ट्री का भी उद्घाटन किया। बता दें कि भारतीय रेलवे के पास अभी तक सबसे ज्यादा क्षमता वाला 6000 एचपी का रेल इंजन था।

गौरतलब है कि फ्रांसीसी कंपनी अलस्टाम ने इस रेलवे इंजन को तैयार किया है। कंपनी के मुताबिक, ये नये रेल इंजन भारत सरकार और भारतीय रेलवे के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे न केवल रेलवे की संचालन लागत कम होगी बल्कि पर्यावरण नुकसान भी कम होगा। फ्रांस की कंपनी द्वारा तैयार यह पहला रेल इंजन रेल मंत्रालय के सार्वजनिक-निजी भागीदारी कार्यक्रम का हिस्सा है जिसके तहत भारतीय रेलवे की ढांचागत सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जाना है। इसके लिये 2015 में 800 इलेक्ट्रिक डबल-सेक्शन लोकोमोटिव के लिये 3.5 अरब यूरो के समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।

अल्स्टाम के चेयरमैन और सीईओ हेनरी पाउपार्ट लाफार्ज ने इस अवसर पर कहा, भारत में हमारा कामकाज हमारे वैश्विक व्यावसाय में प्रमुख है और हम भारत की ढांचागत सुविधाओं की जरूरतों को विकसित करने के लिये प्रतिबद्ध है ताकि यहां के लोगों को दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सके और साथ ही राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में निवेश बढ़ाया जा सके। मधेपुरा कारखाने में बना यह इंजन अल्सटाम की प्राइमा लोकोमेटिव परिवार का है। 12,000 एचपी का यह इंजन डबल-सेक्शन लोकोमोटिव है और यह 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है। इसके साथ ही एक अन्य घटनाक्रम में अल्सटाम ने तीन नये अनंबंधों की भी घोषणा की। मुंबई मेट्रो रेल कारपारेशन से 7.50 करोड यूरो का बिजली आपूर्ति का ठेका, चेन्नई मेट्रो रेल कापोरेशन से नई ट्रेन का ठेका और एक अन्य विद्युत आपूर्ति का ठेका जयपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन से कंपनी को मिला है।

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