भारतीय क्रिकेट टीम ने रचा इतिहास – 71 साल बाद ऑस्ट्रेलिया से जीती टेस्ट सीरीज़


भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेला गया चौथा टेस्ट मैच भले ही ड्रॉ हो गया है। इस मुकाबले में मेजबान को खराब रोशनी और बारिश ने हार से बचा लिया, लेकिन कंगारू भारतीय टीम को इस बार इतिहास रचने से नहीं रोक सके। सिडनी का टेस्ट मैच के ड्रॉ होने के बावजूद भारत ने चार टेस्ट मैच की इस सीरीज़ को 2-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही 71 साल का ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ जीत इंतज़ार भी खत्म हो गया। ये पहला मौका है जब किसी भारतीय टीम ने कंगारुओं को हराकर उन्हीं की धरती पर टेस्ट सीरीज़ जीती है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में सिर्फ चार देश ही सीरीज़ में मात दे सके हैं। वो चार देश हैं इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़, न्यूज़ीलैंड और द. अफ्रीका।

भारत और ऑस्ट्रेलिया की बीच इस सीरीज़ का पहला टेस्ट मैच एडिलेड में खेला गया था। इस मैच में को भारत ने 31 रन से जीता। दूसरे टेस्ट मैच पर्थ में खेला गया और इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को मात देकर सीरीज़ को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके बाद मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच खेला गया। इस तीसरे मुकाबले में कोहली की विराट सेना ने अपनी बेहतरीन प्रदर्शन से कंगारुओं को चारों खाने चित करते हुए सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बना ली। इस सीरीज़ का चौथा और आखिरी टेस्ट मैच सिडनी में शुरू हुआ। इस मुकाबले में भी भारतीय टीम ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए कंगारुओं पर शिकंज़ा कस दिया था, लेकिन खराब रोशनी और बारिश ने कंगारुओं को 3-1 से शर्मसार होने से बचा लिया और सीरीज़ का अंत 2-1 की स्कोरलाइन के साथ हुआ।

2-1 से हारकर भी शर्मसार हुए कंगारू

भारतीय टीम ने सिडनी टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन देकर कंगारुओं को शर्मसार कर दिया। इस फॉलोऑन के साथ ही कंगारुओं का 31 साल का गुरूर भी चकनाचूर हो गया, क्योंकि पिछले 31 सालों में ये पहला मौका रहा जब ऑस्ट्रेलिया को किसी टीम ने उन्हीं के घर में आकर फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया हो। भारत ने सिडनी में पहली बल्लेबाज़ी करते हुए 622 रन की विशाल स्कोर खड़ा किया। 622 रन के स्कोर पर पारी घोषित करने के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 300 रन पर समेट दी और कप्तान कोहली ने 322 रन की बढ़त को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खेलने को कहा। ऑस्ट्रेलिया की टीम जैसे ही फॉलोऑन खेलने के लिए उतरी वैसे ही कंगारुओं का गुरूर चकनाचूर हो गया।

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