अगर चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना कार और घर पर लगाया उम्मीदवार का बैनर तो होगी कारवाई – जिला चुनाव अधिकारी


Information Given by District Election Officer regarding Election Campaign Rules in Ludhiana

अगर आप किसी भी पार्टी या उम्मीदवार के समर्थक हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है अगर आपने वाहन पर बैनर लगाकर प्रचार तो चुनाव आयोग आप पर कार्रवाई कर सकता है, क्योंकि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपनी गाड़ी पर केवल एक झंडा व दो छोटे पोस्टर ही लगा सकता है। इसके अलावा समर्थक अपने घर, दुकान या अन्य परिसर पर पार्टी के अधिकतम तीन झंडे ही लगा सकता है। वहीं समर्थक ऐसे पोस्टर या बैनर नहीं लगा सकते जिसमें उम्मीदवार के लिए वोट मांगे गए हो। ऐसा करने पर उम्मीदवार की लिखित परमिशन लेनी होगी ताकि इसका खर्च उम्मीदवार के खाते में जोड़ा जा सके। ऐसी ही अनेकों जानकारियों से विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत करवाया जिला प्रशासन ने। जिला चुनाव अधिकारी डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल, स्वीप गतिविधियों की नोडल आफिसर एडीसी जगराओं नीरु कत्याल की देखरेख में हुई इस वर्कशॉप में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट की जानकारी के साथ साथ रैली, मीटिंग इत्यादि की परमिशन लेने, नामांकन दाखिल करने व आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

इसके अलावा मतगणना व चुनाव के दौरान पोलिंग एजेंट की भूमिका संबधी जानकारी भी दी गई। काफिले में दस से अधिक वाहन होने पर 100 मीटर का गैप देना होगा उम्मीदवार को किसी भी रोड शो, जनसभा या रैली के लिए लिखित मंजूरी चुनाव आयोग से लेनी पड़ेगी। काफिले के दौरान दस से अधिक वाहन एक साथ नहीं चल पाएंगे। अगर वाहनों की संख्या दस से अधिक है तो इनके बीच 100 मीटर का गैप देना पड़ेगा। काफिले को तय किए गए रूट पर आधी सड़क छोड़कर चलना पड़ेगा ताकि ट्रैफिक में बाधा न पड़े।समर्थक तीन से अधिक झंडे नहीं लगा सकेंगे किसी भी पार्टी या उम्मीदवार के समर्थक घर, परिसर या दुकान पर तीन से अधिक झंडे नहीं लगा पाएंगे। वाहन पर सिर्फ एक एक झंडा व दो छोटे स्टिकर लगाने की ही इजाजत होगी। जबकि किसी भी वाहन पर बैनर इत्यादि नहीं लगाया जा सकेगा। वाहन पर लगे झंडे का पोल तीन फुट से अधिक नहीं हो सकता।

किसी भी रिहायश पर बिना मंजूरी प्रचार सामग्री लगाई तो होगी कार्रवाई

चुनाव प्रचार के लिए सरकारी इमारतों पर प्रचार सामग्री लगाना वर्जित होगा। वहीं किसी भी प्राइवेट प्रॉपर्टी पर बिना उसके मालिक की इजाजत के कोई भी प्रचार सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकता। ऐसा होने पर प्रॉपर्टी मालिक इसकी शिकायत चुनाव आयोग के पास दर्ज करवा सकता है जिसके चलते उम्मीदवार पर कार्रवाई हो सकती है। सुविधा एप से लें रैली, रोड शो व जनसभा की मंजूरी चुनाव प्रचार के लिए रोड़ शो, रैली या जनसभा के लिए चुनाव आयोग से मंजूरी लेनी होगी। वर्कशॉप में उपस्थित विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को सुविधा एप के जरिए ऑनलाइन मंजूरी लेने की प्रक्रिया से अवगत करवाते हुए बताया गया कि यह एप कैसे काम करेगा।


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