उपराष्ट्रपति ने किया करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने दी पाक आर्मी चीफ को खुली चुनौती


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने सीमा पार से चले रहे आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए पाक को खुली चुनौती दी है। कैप्टन ने कहा कि वह आतंकवादियों की मदद करना बंद कर दें। हम चाहते है कि हमारा पंजाब भी खुशहाल रहे और पड़ोसी देश का पंजाब भी प्रगति करें।

हमारे बच्चे मर रहे है, बर्बाद हो रहे है…: कैप्टन

आज करतारपुर साहिब गुरुद्वारा कॉरिडोर का उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ शिलान्यास करने के बाद कैप्टन ने कहा कि यह कॉरिडोर प्यार के पैगाम से खुला है किसी की जोर-जबरी से नहीं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी समस्या का हल नहीं। कैप्टन ने पाक सेना प्रमुख बाजवा को चेतावनी दी कि वह आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम करें। हमारे बच्चे मर रहे है, बर्बाद हो रहे है। पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश बंद की जाए। भारत के पास विशाल सेना है जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकती है।

पाक ना जाने के पीछे कैप्टन ने बताया मुख्य कारण

कैप्टन ने कहा कि जब तक पाकिस्तान भारतीय सैनिकों पर हमले करना बंद नहीं करेगा, वह गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन करने पाकिस्तान नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना के प्रमुख बताए कि उन्होने निर्दोष सैनिकों पर हमला करने की शिक्षा कहां से ली है। मुख्यमंत्र्री होने के नाते वह पाकिस्तान नहीं जा रहे क्योंकि वह अपने नागरिकों के रक्षक हैं। कैप्टन ने कहा, पाकिस्तान पहले पातशाही के प्यार के पैगाम को सीखे तथा हमले करना बंद करे। हमारे पास पाकिस्तान से बड़ी सेना है लेकिन हमारा देश शांतिप्रिय है, अगर पाकिस्तान ने गड़बड़ी की कोशिश की तो हमारी भी पूरी तैयारी है लेकिन हम जंग करना नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि शांति से देश का विकास किया जाए।

दर्शन के लिए संगतों को दी जाए बिना वीजा जाने की इजाजत

उन्होंने 26/11 हमले पर बोलते हुए कहा कि यह बुजदिली थी, जो पाकिस्तान ने की। मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि करतारपुर साहिब के दर्शन करने के लिए संगतों को बिना वीजा जाने की इजाजत दी जाए। उन्होंने कहा कि पहली पातशाही की याद में एक गेट भी गलियारा में बनाया जाएगा जिसका नाम करतारपुर द्वार रखा जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्यवाद भी किया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि कारिडोर का काम 550वां प्रकाशोत्सव साल खत्म होने से पहले ही गलियारा बन कर तैयार हो जाएगा।

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