आज लगेगा साल 2018 का तीसरा और आखिरी ग्रहण – इन जगहों पर दिखाई देगा सूर्य ग्रहण


11 अगस्त 2018 को साल का तीसरा और आखिरी ग्रहण लग रहा है. इससे पहले 15 फरवरी और 13 जुलाई को दो सूर्य ग्रहण पड़ चुके हैं. 11 अगस्त को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं पड़ेगा. वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल का आखिरी सूर्यग्रहण उत्तरी अमेरिका, उत्तर पश्चिमी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन में दिखाई देगा. सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 1 मिनट पर खत्‍म होगा. ग्रहणकाल का सूतक लगभग 12 घंटे पहले लगेगा. हालांकि अंतरराष्‍ट्रीय समय के अनुसार आंशिक सूर्य ग्रहण 8 बजकर 2 मिनट से शुरू होकर सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर खत्‍म होगा.

इस बार आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो कि पृथ्‍वी के उत्तरी गोलार्द्ध यानी कि उत्तरी यूरोप से लेकर पूर्वी एशिया और रूस में दिखाई देगा. भारत में साल के इस अंतिम सूर्य ग्रहण के दीदार नहीं होंगे. नासा के मुताबिक, इन इलाकों में रहने वाले लोग 65 फीसदी आंशिक सूर्य ग्रहण का दीदार कर पाएंगे. सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, उत्तर पश्चिमी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन औरर लंदन में दिखाई देगा. इन देशों में सूर्यग्रहण सुबह 9 बजे से लेकर 9 बजकर 30 मिनट तक देखा जा सकता है.

पंडितों का कहना है कि 2019 में भी तीन ही सूर्य ग्रहण देखने को मिलेंगे. सूर्य ग्रहण को धार्मिक मान्यतानुसार अशुभ माना गया है, ठीक वैसे ही सूतक काल को भी बुरा माना जाता है. हालांकि घर के बुजुर्ग व्यक्तियों, बच्चों और रोगियों पर सूतक मान्य नहीं होता है. पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय पूरी तरह अंधेरा छा जाता है और इसका मतलब होता है कि चंद्रमा ने सूर्य को पूरी तरह से ढक लिया है. इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है. आंशिक सूर्य ग्रहण में सूर्य चंद्रमा को पूरी तरह से ढक नहीं पाता ऐसी अवस्था को आंशिक या खंड ग्रहण कहते हैं. आंशिक चंद्रग्रहण हर छह महीने में पड़ता है

ग्रहण के समय किसी नए कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए. सूतक के दौरान भोजन बनाना और खाना वर्जित होता है. देवी-देवताओं की मूर्ति और तुलसी के पौधे का स्पर्श नहीं करना चाहिए. हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार ग्रहण काल खत्‍म होने के बाद पवित्र नदियों में स्‍नान करना चाहिए. ग्रहण काल के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देने का विधान है.

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