रियाल्टी शो में गिटार का जादू दिखाते नजर आएंगे लुधियाना के आशीष लामा


लुधियाना-   सुरमा इस जग में, जो अपनी राह बनाता है। कोई चलता है पदचिन्हों पर तो कोई खुद पदचिन्ह बनाता है। जी हां ऐसे ही शहर के आशीष लामा। जिन्हों ने बिना किसी से शिक्षा लिए व बिना किसी सहारे के अपनी राह खुद बनाई है। उन्होंने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया और करते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ रहे है। आशीष ने स्टार प्लस पर होने वाली कार्यक्रम दिल है हिंदूस्तानी सीजन टू के ओडिशन में गत दिनो पहले भाग लिया और उसे क्लीयर भी किया। आगामी दिनो में वह स्टार प्लस पर अपने गिटार का जादू दिखाते नजर आएंगे। गौर हो कि आशीष के पिता राम बहादुर रामा ने बच्चन में गिटार गिफ्ट किया तो उसी गिटार को उन्हें अपना पैशन बना लिया। बिना किसी की मदद के खुद प्रेक्टिस की और अपने हुनर को निखारा। सिर्फ सच्ची लगन ने ही उन्हें गिटार बजाना सिखा दिया। मानो उन पर मां सरस्वती की किरपा है जो गुरु व टयूशन क्लास की मदद के बिना ही अपने हुनर से सभी को आकर्षित कर रहा है।

फिल्मी दुनिया में करियार बनाने का सपना लिए आशीष फिल्हाल मुंबई जाने की तैयारी में है। लुधियाना एक कार्यक्रम में पहुंचे आशीष लामा पूरे हिंदूस्तान में प्रसिद्ध सुपरस्टार गाने हट जा ताऊ पाछे ने व अनेक रीमिक्स गानों में अपना संगीत दे चुका है। आशीष मूलरुप से नेपाल के काठमांडू का रहने वाला है। हिंदी के नए व पुराने दोनो प्रकार के गीतों की धुन बजाने में लामा को शौक है। नेपाल के मशहूर गिटार वादक राकेश थापा व भीमसेन थापा को आदर्श मानने वाले लामा को पापा कहते है, चुरा लिया है तुमने, तुझे देखा तो ये जाना सनम जैसी धुनों में महारथ हासिल है। जिसमें वह अब तक कई पुरस्कार हासिल कर चुका है।

अपने बारे में बताते हुए अशीष लामा ने कहा कि उसने दसवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की है। बचपन में पिता ने गिटार गिफ्ट किया था। उसने गिटार बजाने की प्रेक्टिस घर पर ही शुरु कर दी। गाती को सुनकर बजने वाले धुनों को अपने गिटार से बजाने का प्रयास करता। प्रेक्टिस के बल पर ही उसका हुनर बाहर आया और कई गीतों में गिटार भी बजाया। उन्होंने बताया कि अन्य क्षेत्रों की तरह अगर संगीत में भी टैलेंट हंट शो शुरु हो तो कई कलाकारों को छिपी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा। आशीष ने बताया कि फिल्हाल वह अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए बच्चों को संगीत की शिक्षा दे रहे है और संगीत क्षेत्र में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते है। दिल्ली, कोलकता, कानपुर, बंगाल, दार्जिलिंग, देहरादून, सहारनपुर, पंजाब और कर्नाटक सहित अन्य जगहों पर हुई प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीत चुका है।

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