हत्या मामले में लुधियाना की अदालत ने सुनाई 7 को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा


Court Hammer

नगर के बहुचर्चित प्रदीप सिंह की हत्या के आरोप में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंजना की अदालत ने थाना सदर निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर कुरुक्षेत्र हरियाणा निवासी मनीष महाराण, पटियाला निवासी लखबीर सिंह उर्फ लक्की, संजीव कुमार उर्फ संजू, सुखविंद्र सिंह उर्फ लाडी, जगदीप सिंह उर्फ राजू, सौरभ कुमार उर्फ सुंदर और दुगरी लुधियाना निवासी जगदीश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अदालत ने आरोपियो की रहम की अपील को ठुकराते हुए उन्हें 50-50 हजार रुपए जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। इस संबंधी जिला अटारनी रविंद्र कुमार अबरोल ने बताया की उक्त मामला मृतक के पिता कुलदीप सिंह की शिकायत पर 22 मार्च 2012 को पुलिस थाना सदर में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसके तीन बच्चे थे, उसका सबसे छोटा बेटा जो 8वीं की पढ़ाई छोडऩे के बाद खेती का काम करने लग गया था।

उसको यह शक था कि मृतक उसकी बेटी के साथ संबंध हैं, जिस कारण वह शिकायतकत्र्ता को यह धमकी देने लगा कि वह अपने बेटे को उसकी बेटी से दूर रखें नहीं तो उसे बुरे अंजाम भुगतने पड़ेंगे। दोषी जगदीश कुमार ने इस बाबत पुलिस थाना बसंत अवेनुए में शिकायत भी दी थी, जिसमें बाद में समझौता हो गया था। 21 मार्च 2012 को रात करीब 11.40 पर शिकायतकत्र्ता अपने परिवार के साथ घर पर सोया हुआ था। इतने में दरवाजे पर किसी के आने की आहट हुई, जब उसकी पत्नी ने दरवाजा खोला तो देखा तो करीब 5-6 आदमी उसके घर में जबरदस्ती हथियारों के साथ दाखिल हो गए।

उन्होंने शिकायतकर्ता के बेटे को जबरदस्ती उसके कमरे से उठाया और मारते पीटते हुए अपनी गाड़ी में डाल कर चले गए, बाद में शिकायतकत्र्ता के दूसरे बेटे ने ईंटों से आरोपियों की गाड़ी पर हमला किया, जिस कारण उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया। उसने अपने बेटे के अपहरण की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पर दी, जिसके बाद पुलिस ने उक्त मामला दर्ज किया। अगले दिन उसके बेटे का शव रोपड़ जिले से मिला बाद में पुलिस ने जांच के दौरान उक्त सभी आरोपियों को नामजद किया और शिकायतकर्कीता निशानदेही पर उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के चलते अदालत ने उक्त सजा सुनाई।

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