लुधियाना के करोबोरियों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ जीएसटी और वैट रिफंड के बकाया को लेकर दिया गया धरना


Ludhiana Industrialists Protest against Punjab Government

लुधियाना – पंजाब सरकार के पास जीएसटी और वैट रिफंड का करोड़ों रुपया बकाया होने के कारण सड़कों पर उतरे उद्यमी और कारोबारियों ने फिलहाल 15 दिनों के लिए अपना विरोध स्थगित कर दिया है। विश्वकर्मा चौक पर सुबह बड़ी संख्या में उद्यमी और कारोबारी जमा हुए थे, लेकिन सरकार की ओर से बकाया रिफंड की एक किश्त जारी किए जाने के कारण मंगलवार को सिर्फ साकेतिक धरना लगाया गया। उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने जीएसटी और वैट रिफंड की पंजाब के लिए 87 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी की है। इसमें से 67 करोड़ रुपये लुधियाना के लिए जारी किए गए हैं। धरने को संबोधित करते हुए फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल आर्गेनाइजेशन (फिक्को) के चेयरमैन केके सेठ ने कहा कि वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने जल्द ही शेष बकाया राशि भी जारी करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना था कि पहली किश्त की राशि ट्रेजरी में पहुंच चुकी है और वित्त मंत्री यदि वादे के अनुसार शेष राशि भी जल्द जारी करें।

शेष राशि जारी करने के लिए उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है और यदि सरकार विफल रही तो हमारी कोर कमेटी अगली रणनीति पर विचार करेगी और उद्यमी फिर सड़कों पर उतरेंगे। उद्यमियों ने कहा कि सरकार के पास करोड़ों रुपया फंसा है और वह बैंक के कर्जदार हैं। सरकार द्वारा उनका रिफंड जारी नहीं किया जाने से उन्हें बैंकों को ब्याज भरना पड़ रहा है। सरकार जीएसटी और वैट भरने के लिए व्यापारियों को तो ईमानदारी दिखाने का आह्वान करती है, लेकिन रिफंड देने के लिए जब सरकार की बारी आती है तो खजाना खाली का बहाना बनाया जाता है। सरकार उनके द्वारा जमा राशि को ही वापस करे, वह सरकार से इसके अलावा कुछ नहीं मागते। इस मौके पर पंजाब के पूर्व सेहत मंत्री सतपाल गोसाईं, पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के महासचिव सुनील मेहरा, राजीव जैन, गुरमीत कुलार, मंजीत सिंह मठारू, जसिवंदर सिंह बेदी ने भी संबोधित किया|

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