शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण ट्रैफिक समस्या बढी – सही रास्तों पर पुलिस ने लगा रखी है इंटरसेप्टर वैन और स्पीडो मीटर, चालान कटना तय


 

लुधियाना शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते सड़कों पर ट्रैफिक समस्या काफी बढ गई हैं जिस कारण सरपट दौड़ने की बजाए वाहन लगभग रेंग रहें है। हालात यह है कि 10 मिनट के रास्ते को तय करने में कई बार एक घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। ऐसे में निर्विघ्न ट्रैफिक व्यवस्था बहाल रखने के विकल्प तलाशने की बजाय ट्रैफिक पुलिस ने शहर में वाहनों की स्पीड नापने के लिए इंटरसेप्टर वैन और स्पीडो मीटर लगा दिए हैं। मजे की बात है कि पुलिस ने इन दोनों उपकरणों को उन मुख्य मार्गों पर लगाया है, जहां पहुंचने के बाद वाहनों को थोड़ी बहुत राहत मिलती है।

इन क्षेत्रों में दिनभर लगा रहता है जाम

फिरोजपुर रोड पर बन रहे एलिवेटिड रोड के चलते दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। उस सड़क पर आरती चौक से वेरका मिल्क प्लांट तक का सफर किसी जंग जीतने से कम नहीं है। बस्ती जोधेवाल चौक में निर्माणधीन ओवरब्रिज के चलते रोजाना लंबे जाम लग रहे हैं। मोहनदेई ओसवाल अस्पताल के सामने और शेरपुर चौक के हालात भी ठीक वैसे ही हैं। दूसरी ओर चीमा चौक से ढोलेवाल पुल पर किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्य के चलते वहां दिन भर जाम के हालात बने रहते हैं। जगरांव पुल पिछले दो साल से निर्माण कार्य के चलते बंद पड़ा है। जहां दिन भर वाहनों को जाम से जूझना पड़ता है।

हाईटेक टीम 40-50 वाहनों के ही काट पा रही है चालान

चंडीगढ़ हेडक्वार्टर की ओर से से सभी जिलों में भेजी गई इंटरसेप्टर वैन लुधियाना ट्रैफिक पुलिस को भी मिली। इसके अलावा पुलिस के पास एक स्पीडो मीटर भी है। मगर दिक्कत यह थी कि इन्हें तैनात कहां किया जाए। ले दे कर दोनों में एक स्पीडो मीटर को पक्के तौर पर एलिवेटिड रोड पर लगा दिया गया। जबकि इंटरसेप्टर वैन को चंडीगढ़ रोड, दिल्ली रोड, जालंधर रोड और फिरोजपुर रोड पर बदल-बदल कर लगाया जाता है। उस पर भी हैरानी की बात है कि हाईटेक उपकरणों से लैस रहने वाली दो टीमें दिन भर में केवल 40 से 50 वाहनों के चालान ही काट पा रही हैं। उन टीमों पर आरोप है कि वो केवल दूसरे शहरों से आए वाहनों को ही रोकती हैं।

पुलिस अधिकारियों ने नहीं ली सुध

चुनाव से पहले दूसरे जिलों से बदल कर आए पुलिस अधिकारियों ने शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था की सुध नहीं ली। विगत तीन महीनों के दौरान किसी ट्रैफिक पुलिस अधिकारी को सड़कों पर कार्रवाई करते नहीं देखा गया। सूत्र बताते हैं कि ऐसा इस लिए भी है कि उन अधिकारियों को इस बात का अंदाजा है कि कुछ समय बाद उन्हें बदल कर वापस अपने जिलों में लौट जाना है।

वाहन ओवर स्पीड चलेगा तो चालान कटना तय

वाहन अगर ओवर स्पीड से चलेगा, तो चालान कटना तय है। भले ही वो वाहन स्थानीय हो या बाहरी जिले का। जिन सड़कों और पुलों के निर्माण लंबे समय के लिए चल रहे हैं, तथा जो काम कम समय के लिए हैं। उन पर ट्रैफिक चलाने के लिए योजनाएं बना कर काम किया जा रहा है। उसके लिए एडीसीपी ट्रैफिक से हर रोज रिव्यू लिया जाता है। वो खुद सड़कों पर जाकर जायजा लेते हैं।


LEAVE A REPLY