अरबपति पिता की एमबीबीएस डॉक्टर बेटी बनी जैन साध्वी, ठुकराई अरबों की सम्पति


गुजरात में अरबपति पिता की एमबीबीएस डॉक्टर बेटी ने सांसारिक सुखों को त्याग कर दीक्षा का मार्ग अपना लिया है। एमबीबीएस डॉक्टर हिना हिंगड़ ने बुधवार को पूरे विधि और जैन परंपरा के अनुसार दीक्षा ग्रहण की। 28 वर्षीय हिना हिंगड़ की पहचान अब साध्वी श्री विशारदमाला हो गई है। उन्होंने अध्यात्मिक गुरु आचार्य विजय यशोवर्मा सुरेश्वरजी महाराज से दीक्षा ली है। अहमदनगर यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट हिना पिछले 3 सालों से प्रैक्टिस कर रही थी। वह अपने छात्र जीवन में ही आध्यात्मिकता की तरफ आकर्षित हो गई थीं। जब उन्होंने अपने परिवार को आध्यात्मिक रुझान के बारे में बताया तो वह राजी नहीं हुए। हिना को अपने परिवार वालों को मनाने में 12 साल लग गए जिसके बाद उन्होंने आध्यात्मिक संयम का रास्ता अपना लिया।

सूरत में आयोजित किया गया दीक्षा समारोह का कार्यक्रम पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने सांसारिक सुखों के त्याग के रूप में अपने केश दान किए और श्वेत वस्त्र धारण किए। हिना ने दीक्षा के लिए जरूरी 48 दिनों का ध्यान गुजरात के पालिताणा में किया। आचार्य ने बताया कि हिना ने अपने पिछले जन्म में किए गए ध्यान और श्रद्धा की वजह से भिक्षु बनने का रास्ता अपनाया है। हिना अपने परिवार में छह बहनों में सबसे बड़ी हैं। परिवार मूल रूप से घाणेराव (पाली, राजस्थान) का रहने वाला है। पिता अशोक कुमार का यार्न का कारोबार है। पिछले पांच वर्षों से वे मुंबई में रह रहे हैं। हिना का मानना है कि सांसारिक जीवन छोड़कर जैन भिक्षु बनना सबके बस की बात नहीं है।

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