आंटी की असलियत सामने आने से अफसरों में मची खलबली, कॉल डिटेल से हो सकते है कई चेहरे बेनकाब


 

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चौकी मिल्लरगंज के इलाके गिल चौक पर आंटी द्वारा वर्षों से बेखौफ होकर चलाए जा रहे अड्डे बारे में खबर लोगों के सामने आते ही पुलिस आफिसरों में खलबली मच गई। सारा दिन आंटी से फोन पर जुड़े रहने वाले पुलिस आफिसरों ने बदनामी के डर से कुछ समय के लिए दूरी बना ली। वहीं अगर उच्चाधिकारियों द्वारा किसी आई.पी.एस. अधिकारी की ड्यूटी लगाकर आंटी व उसके पास काम करने वाली लड़कियों के मोबाइल फोन की डिटेल निकलवाई जाए तो कई ऐसे पुलिस आफिसरों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं, जो उ”ााधिकारियों के सामने खुद को ईमानदार और मेहनती बताते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा कुछ भी नहीं है।

आरोपी आंटी की बहन जेल में, अड्डे पर मिलता है हर प्रकार का नशा

आंटी की एक बहन है जिसे पुलिस ने मैडीकल नशे की भारी खेप के साथ दबोचा था। इन दिनों वह जेल में सजा काट रही है और मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली है। आंटी के अड्डे पर आने वाले ग्राहकों को भी उचित दाम भरने पर हर प्रकार का नशा मुहैया करवाया जाता है।

2 मैनेजर लड़कियां संभाल रही आंटी का सारा काम

आंटी की पुलिस से सैटिंग का प्रमाण यह भी है कि जब भी कोई ए.डी.सी.पी. या उससे बड़ा पुलिस आफिसर अड्डे पर रेड करने की बात कहता है तो इलाका पुलिस की तरफ से यह कहकर उन्हें गुमराह कर दिया जाता है कि आंटी इन दिनों काफी बीमार चल रही है और बैड पर हैं। पुलिस हिरासत में उसकी मौत होने की बात कहकर डरा दिया जाता है, जिसके चलते उच्चाधिकारी चुप्पी साध लेते हैं, जबकि वास्तव में आंटी का सारा काम 2 मैनेजर लड़कियां संभाल रही हैं। आंटी को तो सिर्फ उच्चाधिकारियों को डराने के लिए रखा गया है।

19 साल पहले एक कमरे में शुरू किया था अड्डा, अब 3 मंजिला बिल्डिंग

आंटी पर पहला पर्चा वर्ष 2000 में दर्ज हुआ था, जबकि अब आखिरी पर्चा अगस्त 2017 में हुआ। आंटी के प्रत्येक पर्चे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से आई युवतियों को भी नामजद किया गया लेकिन फिर भी आंटी ने काम बंद नहीं किया। आंटी प्रत्येक ग्राहक से 2 हजार से 2500 रुपए वसूल करती है। पहले पर्चे के समय आंटी का अड्डा एक कमरे में चलता था, जबकि अब & मंजिला बिल्डिंग बन चुकी है, बिल्डिंग में 6 कमरे ग्राहकों के लिए बनाए गए हैं।

लाल रंग की इनोवा में होती है पेमैंट

आंटी की पेमैंट लाल रंग की इनोवा कार में होती है। जब भी किसी पुलिस आफिसर को महीना देना होता है तो आंटी व पुलिस के मध्य दलाल की भूमिका निभाने वाला व्यक्ति अपनी इनोवा कार लेकर आता है। लाल रंग देखते ही पुलिस आफिसर विश्वास बना होने के चलते कार में बैठ जाता है और खुलकर महीना सैट कर लेता है।

1.12 लाख की टिकटें बुक करवाने की चर्चा

पुलिस विभाग में आज इस बात को लेकर भी खूब चर्चा रही कि विगत दिनों आंटी ने एक पुलिस आफिसर को 1.12 लाख रुपए खुद की जेब से खर्च कर हवाई जहाज की टिकटें बुक करवाकर दी हैं, ताकि वह विदेश घूम सके। आंटी के पास आने वाला प्रत्येक पुलिस आफिसर खुश होकर ही लौटता है।

ए.डी.सी.पी.-2 को सौंपी मामले की जांच

आंटी द्वारा बेखौफ होकर चलाए जा रहे अड्डे की बात को गंभीरता से लेते हुए सी.पी. गिल की तरफ से मामले की जांच ए.डी.सी.पी.-2 जसकिरणजीत सिंह को सौंपी गई है और जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। ए.डी.सी.पी. द्वारा भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर सभी उ”ााधिकारियों की निगाहें होगी। वहीं पुलिस की सैटिंग के बिना इतने बड़े स्तर पर गलत काम करना भी पुलिस जांच का विषय है।


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