बुड्ढे नाले को प्रदूषण मुक्त बनाने को लेकर सर्किट हाउस में हुई मीटिंग – डेयरी कॉम्प्लैक्स की शिफ्टिंग पर हुई चर्चा


 

Buddha Nala Ludhiana

बुड्ढे नाले को प्रदूषण मुक्त बनाने का टारगेट हासिल करने के लिए बनाई गई डेयरियों को शिफ्ट करने की योजना पर अमल करने से पहले सरकार ने डेयरी मालिकों की सहमति लेने का फैसला किया है। इस संबंधी मंगलवार को सर्किट हाउस में मीटिंग रखी गई जिसमें नामधारी समुदाय के सत्गुरु उदय सिंह, पंजाब सरकार के सैक्रेटरी काहन सिंह पन्नू मेयर बलकार संधू, डी.सी. प्रदीप अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर के.पी. बराड़, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व सिंचाई विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

मीटिंग में चर्चा हुई कि डेयरी मालिकों द्वारा सीवरेज के जरिए या सीधा गोबर गिराने की वजह से बुड्ढे नाले को प्रदूषण मुक्त बनाने का टारगेट हासिल नहीं हो रहा है। इसके मद्देनजर भले ही सरकार ने ताजपुर रोड व हमबड़ा रोड डेयरी कॉम्प्लैक्स में नए ट्रीटमैंट प्लांट लगाने की योजना बनाई हुई है लेकिन इसके साथ ही हमबड़ा रोड डेयरी कॉम्प्लैक्स को शिफ्ट करने की योजना भी काफी देर से विचाराधीन है। इस पर अमल को लेकर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में पहले डेयरी मालिकों की सहमती लेने का फैसला किया गया जिन्हें हमबड़ा रोड पर ही गांव गोरसिया व मतेवाड़ा में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर नए डेयरी कॉम्प्लैक्स बनाने का विकल्प दिया जा सकता है।

सिंचाई विभाग को मिली कब्जे हटाने की जिम्मेदारी

मीटिंग में बुड्ढे नाले के किनारे हुए कब्जों बारे भी चर्चा की गई जिस कारण बुड्ढे नाले की सफाई करने में दिक्कत आ रही है लेकिन नगर निगम ने बुड्ढे नाले की जमीन की मालकीयत सिंचाई विभाग की होने की बात कहकर कब्जे हटाने की जिम्मेदारी उसके पाले में डाल दी जिस पर फैसला किया गया है। बुड्ढे नाले की मार्किंग करने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और उन कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम द्वारा मशीनरी की मदद ली जा सकती है।

पीनी के सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट तक पहुंचने संबंधी होगा सर्वे

नगर निगम पर सीवरेज व डिस्पोजल के जरिए बुड्ढे नाले में बिना ट्रीटमैंट के सीधा पानी गिराने के आरोप लगते आ रहे हैं जिसके लिए नगर निगम द्वारा सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट ओवरलोड होने का हवाला दिया जाता है, जिसके मद्देनजर एस.टी.पी. को अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है इसके साथ रास्ते में नए एस.टी.पी. लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसी बीच यह बात भी सामने आई है कि एस.टी.पी. तक पानी न पहुंचने की वजह से उसे सीधा बुड्ढे नाले में गिराना पड़ रहा है इस समस्या का समाधान करने के लिए कन्सल्टैंट कंपनी को सर्वे करने के लिए बोला गया है।


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