अजीत नगर में हुई रेलवे कर्मचारी की मौत का मामला सुलझा, बेटी ने माँ और प्रेमी के साथ मिलकर पिता को उतारा था मौत के घाट


लुधियाना – एक कलयुगी बेटी ने प्रेमी तथा मां संग मिलकर अपने ही पिता को मौत की नींद सुला दिया। 43 वर्ष के कुलदीप कुमार रेलवे में नौकरी करते थे और माँ एक स्कूल में अध्यपिक है। सभी ने मिलकर घर पर ही पहले कुलदीप का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और फिर तेजधार हथियार से उसकी गर्दन काट दी। पुलिस ने बेटी और उसके प्रेमी के साथ साथ आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है जबकि 3 आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. कलयुगी बेटी ने प्रेमी व माँ संग मिलकर अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया. पिता ने बेटी की शादी एक आवारा लड़के से करने पर मना क्या किया कि बस यही बात उसे मौत के मूंह में ले गई. हैरान कर देने वाली बात है कि मृतिक की पत्नी एक निजी स्कूल में अध्यापिका भी है. इन हत्यारों के चार अज्ञात साथी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. मामला लुधियाना के थाना हैबोवाल के आधीन आते इलाके अजीत नगर इलाके का है जहाँ पर शुक्रवार की मध्य रात्रि को बड़े ही सुन्योजित ढंग से रेलवे में नौकरी करने वाले कुलदीप कुमार नामक एक 43 वर्षीय व्यक्ति की तेज़ हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी और अगले दिन सुबह आरोपियों ने इसे बड़े ही तरीके से इसे घर में हुई लूट का ड्रामा बना दिया था. मगर आरोपी चाहे कितना ही शातिर क्यों न हो वो अपने पीछे कोई न कोई सुराग तो छोड़ ही जाता है.

पुलिस ने जब गहीनता से जांच की तो परत दर परत खुलती चली गई और सारी की सारी गुत्थी सुलझ गई. पुलिस के मुताबिक इस पुरे घटनाकर्म की साज़िश को रचने वाली मृतिक की करीब 20 वर्षीय बेटी ने अपनी माँ को विश्वाश में लेते हुए अपने प्रेमी संग मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया है. पुलिस के मुताबिक उन्हें अपनी जांच में यह बात पता चली है कि मृतिक कुलदीप की 20 वर्षीय बेटी सुदीक्षा का एक तरुण नाम के लड़के के साथ पिछले तीन-चार सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था और उस लड़के का मृतिक के घर में भी आना जाना था जो कुलदीप को कतई पसंद नहीं था. पुलिस के मुताबिक मृतिक कुलदीप एक शराबी किसम का व्यक्ति था और अक्सर शराब पीकर अपनी बेटी तथा पत्नी को मारता पिटता था. बेटी ने अपनी माँ को बताया कि उसके पिता की निगाह उसके प्रति ठीक नहीं है जिसको लेकर उसने अपनी माँ गीता को भी अपने भरोसे में ले लिया और फिर कुलदीप की हत्या की साज़िश रच डाली जिसमें सुदीक्षा ने अपने प्रेमी तरुण को भी शामिल कर लिया. तरुण ने अपने अन्य साथियों से सम्पर्क साधा और उन्हें पैसे देकर इस हत्याकांड को अंजाम देने का ठेका दे दिया. बस फिर क्या था शुक्रवार की रात कुलदीप के लिए आखिरी रात साबित हुई. पुलिस को भी ज्यादा शक तब हुआ जब उन्हें अपनी जांच में यह पता चला के आरोपियों को घर में घुसने के लिए कोई जद्दो जहद बिलकुल ही नहीं करनी पड़ी. सूत्रों से प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक जब पुलिस ने घर के सभी सदस्यों की कॉल डिटेल निकलवाई तो परत दर परत खुलती चली गई और महज़ एक दिन में ही हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया गया.

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