एनजीटी ने बुड्ढा दरिया की सफाई पर दिखाई सख्ती – पूछे नगर निगम से सवाल


Budha Dariya

बुड्ढा दरिया की सफाई को लेकर प्रदेश कई सरकारों ने लोगों से यह वादा किया था की वह जल्द से जल्द बुड्ढा दरिया को प्रदुषण मुक्त करवायेंगे और कई कदम भी उठाये गये पर बुड्ढा दरिया की हालत जस की तस बनी हुई है वहीं दूसरी तरफ बुड्ढा दरिया की वजह से सतलुज का पानी प्रदूषित हो रहा है। इसका खामियाजा सतलुज के प्रवाह क्षेत्र के अलग-अलग जिलों और राजस्थान के कुछ जिलों के लोग भी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पहुंचा। अब एनजीटी ने दरिया की सफाई को लेकर नगर निगम पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। एनजीटी ने निगम से दरिया की सफाई का एक्शन प्लान मांग लिया है।

जानकारी के मुताबिक संत सींचेवाल के नेतृत्व में बनी एनजीटी की कमेटी ने नगर निगम को कहा कि दरिया की सफाई के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं और कब तक दरिया को साफ कर लिया जाएगा। कमेटी ने निगम को 15 जनवरी तक पूरी रिपोर्ट जमा करवाने को कहा है। एनजीटी कमेटी की तरफ से जवाब मांगे जाने के बाद नगर निगम अफसरों के हाथ पांव फूल गए हैं। वे अब रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले निगम कमिश्नर ने दरिया में गिर रहे प्रदूषित पानी की रिपोर्ट तैयार करने के लिए निगम अफसरों की टीमें तैयार की थी। उन्होंने दरिया के किनारे जाकर फिजीकल चेकिंग भी की थी।

इस वजह से बढ़ रहा प्रदूषण

बुड्ढा दरिया को प्रदूषित करने में सबसे बड़ा हाथ डाइंग इंडस्ट्री का है। डाइंग इंडस्ट्री केमिकल युक्त पानी बिना पानी ट्रीट किए दरिया में गिरा देती है, जिस वजह से दरिया का पानी प्रदूषित हो रहा है। बुड्ढा दरिया में ताजपुर डेयरी कांप्लेक्स और हैबोवाल डेयरी कांप्लेक्स का वेस्ट भी जाता है। डेयरियों के वेस्ट से निपटने के लिए दोनों कांप्लेक्सों में ईटीपी लगाने की योजना तैयार की जा रही है। अगर यह योजना जमीन पर आती है तो दरिया में जाने वाली यह गंदगी भी रुक जाएगी।

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