नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा ने प्रोफेसर पर लगाया आरोप – शादी का झांसा देकर बनाये संबंध


physically abused

नर्सिंग की एक छात्रा ने आरोप लगाया है कि लुधियाना के नर्सिंग कॉलेज के एक प्रोफेसर ने शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाया। इसमें प्रोफेसर की पत्‍नी ने भी उसका साथ दिया। प्रोफेसर को कोई संतान नहीं थी और इसी के लिए उसने छात्रा का शारीरिक शोषण किया। छात्रा द्वारा बच्‍चे को जन्‍म देने के बाद प्रोफेसर शादी करने से मुकर गया। अब मामला पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंच गया है। आयोग की चेयरपर्सन तजिंदर कौर ने मामला दर्ज नहीं किए जाने पर रूपनगर के एसएसपी को तलब किया है। छात्रा का कहना है कि उसका सात माह का बच्‍चा है और वह न्‍याय के लिए दर-दर ठोकरें खा रही है, लेकिन उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रहा है। आरोपित प्रोफेसर व उसकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए उसने कई पुलिस थानों की खाक छानी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। आखिर उसने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन तजिंदर कौर (पूर्व आइएएस) के पास पहुंची और अपनी कहानी सुनाई।

आनंदपुर साहिब के एक गांव की रहने वाली पीडि़ता ने लिखित शिकायत में बताया कि उसने जीएनएम की पढ़ाई करने के लिए लुधियाना के एक नर्सिंग कॉलेज में दाखिला लिया था। कोर्स के आखिरी वर्ष में प्रोफेसर ने उसे पढ़ाई में मदद देने का भरोसा देते हुए अपना मोबाइल नंबर दे दिया। एक दिन प्रोफेसर की पत्नी ने उसे घर बुलाया। उसकी पत्नी एक कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल हैं।

छात्रा ने शिकायत में कहा कि प्रोफेसर की पत्नी घर पहुंचने पर उसे अपने बेडरूम में ले गई और चाय पिलाई। चाय पीने से वह बेहोश हो गई। पीडि़ता ने बताया कि बेहोशी की हालत में प्रोफेसर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरे दिन प्रोफेसर की पत्नी ने फोन कर कहा कि प्रोफेसर उससे अपनी गलती पर माफी मंगना चाहते हैं। जब वह फिर घर पहुंची तो उससे फिर जबरदस्ती की गई और उसकी वीडियो बनाई गई। वीडियो बनाने के बाद उसको ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया गया।

प्रोफेसर ने दिया शादी का झांसा

पीडि़ता के अनुसार जब वह गर्भवती हो गई तो प्रोफेसर ने बताया कि वह नि:संतान है। वह अपनी पत्नी को तलाक दे देगा और उसके साथ शादी कर लेगा। वह प्रोफेसर के झांसे में आ गई। पीडि़ता के अनुसार मेडिकल चेकअप के दौरान अध्यापक जोड़े ने एक साजिश के तहत कई स्थानों पर उसका नाम लिखवाने की बजाय प्रोफेसर ने अपनी पत्नी का नाम दर्ज करवाया। पीड़ता के अनुसार उसने सिजेरियन से 22 जून 2018 को एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को जन्म देने के बाद प्रोफेसर ने न तो उससे विवाह किया और न ही अपनी पत्नी को तलाक दिया। पीडि़ता के अनुसार अध्यापक दंपती ने साजिश तहत बच्चा पैदा करने के लिए उसका इस्तेमाल किया।

16 को होगी सुनवाई

शिकायत के आधार पर अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन तजिंदर कौर ने एसएसपी रूपनगर को तलब कर अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की है।

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