रोडवेज कर्मचारियों द्वारा पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी, पंजाब रोडवेज व PRTC की वाल्वो बसों की सर्विस की बंद


PRTC Volvo Bus Service

राज्य में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने यह घोषणा की थी कि रोडवेज व पी.आर.टी.सी. प्रणाली को यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह से अमल में लाया जाएगा, परन्तु उनकी यह घोषणा बादलों की ट्रांसपोर्ट के आगे फेल होती जा रही है, जिसका नतीजा वो ही ढाक के तीन पात वाला बन गया जो किसी बड़ी साजिश की और इशारा करते हुए पंजाब रोडवेज को खत्म करने पर तुला हुआ है और जिसका परिणाम यह है कि रोडवेज/पनबस कर्मचारियों में विरोध की बलबली चढ़ती जा रही है, क्योंकि इस साजिश से उनकी नौकरी खतरे में पड़ती जा रही है।

सूत्रों के अनुसार पंजाब के अंदर एक बार फिर से बादलों की निजी बसों को लेकर भारी हंगामे के आसार बन गए हैं क्योंकि पंजाब रोडवेज के कर्मचारी नववर्ष जनवरी महीने में एक बार फिर से ट्रांसपोर्ट मंत्री अरुणा चौधरी के विरुद्ध मोर्चा खोलने की तैयारी में जुट गए हैं। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट मंत्री अरुणा चौधरी रोडवेज की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण पंजाब में रोजाना लाखों के सरकारी राजस्व का नुक्सान हो रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक सरकारी बसों को 1 महीने से ऊपर दिल्ली हवाई अड्डे पर नहीं जाने दिया जा रहा हैं, जबकि बादलों की ट्रांसपोर्ट से संबंधित बसों को बिना कोई रोक टोक एयरपोर्ट पर जाने दिया जा रहा है। इस बारे में उनका कहना है कि लगता है कि राज्य सरकार भी अब बादलों की ट्रांसपोर्ट पर पूरी तरह से मेहरबान है और ट्रांसपोर्ट मंत्री आंखें मूंदकर चुपचाप बैठी है।

सूत्रों के मुताबिक रोडवेज कर्मचारी 1 जनवरी से ट्रांसपोर्ट मंत्री के खिलाफ मुहिम शुरू करने जा रहे है, जिसमें मुहिम का मुद्दा मंत्री भगाओ रोडवेज बचाओ के नारे को अहमियत दी जाएगी। पंजाब भर से रोडवेज कर्मचारी गेट रैलियां करके 2 से 4 जनवरी तक चंडीगढ़ में मंत्री अरुणा चौधरी के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और 8 व 9 जनवरी को रोडवेज की बसों का मुकम्मल चक्का जाम किया जाएगा, ताकि मंत्री ट्रांसपोर्ट का ध्यान इस समस्या की और दिलाया जाए, जिस कारण रोडवेज विभाग घाटे की ओर जा रहा है। कैप्टन सरकार के सत्ता संभालने के शुरुआती दौर में ट्रांसपोर्ट माफिया सरकार से भय खाने लग गया था, पर अब अकालियों के साथ-साथ कांग्रेसियों की भी बसें हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली एयरपोर्ट की ओर जा रही है, जिसके रोष स्वरूप 1 जनवरी को पूरे पंजाब में रोडवेज कर्मचारी विभिन्न डिपों पर गेट रैलियां करेंगे। उनका कहना है कि रोडवेज व पी.आर.टी.सी. की बसों को दिल्ली एयरपोर्ट पर न जाने देना एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिस कारण कैप्टन सरकार बादलों की ट्रांसपोर्ट माफिया के सामने अब बेबस नजर आती दिख रही है।


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