नशा छुड़ाओं केंद्र में सेंटर संचालक ने की युवक की बेहरमी से पिटाई, युवक ने तड़प-तड़प कर तोड़ा दम – पुलिस द्वारा मामला दर्ज


 

Person beaten to death at drug addiction center in Bathinda

बठिंडा के भागू रोड की गली नंबर चार में चल रहे नई किरण फाउंडेशन नशा मुक्त केंद्र में बीती शनिवार को माडल टाउन निवासी धीरज गांधी की मौत के मामले में रविवार को थाना सिविल लाइन पुलिस ने सेंटर संचालक राजेश गुप्ता समेत दो अज्ञात लोगों पर आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपित राजेश गुप्ता को गिरफ्तार भी कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतक धीरज के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद की गई।

पोस्टमार्टम के दौरान पाया गया कि मृतक के शरीर पर कई जगहों पर मारपीट करने व चोटों के निशान थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि धीरज की माैत की वजह से शुक्रवार रात को सेंटर संचालक द्वारा की गई मारपीट है। हालांकि, पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के बोर्ड ने मृतक के बिसरे को जांच के लिए लैब भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल सकेगा। उधर, केस दर्ज होने के बाद युवक का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने केस दर्ज न होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का ऐलान किया था। पुलिस सेंटर संचालक पर मारपीट करने, बंधक बनाने व धमकियां देने समेत विभिन्न धाराओं के तहत एक और केस दर्ज किया है।

‘सेंटर संचालक ने बेहरमी से की थी मारपीट’

करण कुमार गांधी वासी ईडब्लूएस क्वार्टर माडल टाउन फेस-वन ने पुलिस को बताया कि उसका भाई धीरज गांधी पिछले करीब दस साल से विभिन्न प्रकार के नशे करता था। उसका सिविल अस्पताल बठिंडा से इलाज चलता था। बीते शुक्रवार को उसने अपने भाई धीरज को भागू रोड स्थित नई किरण फाउंडेशन नशा मुक्त केंद्र में उसकी काउंसिलिंग करवाने के लिए भर्ती करवाया था, लेकिन अगले दिन शनिवार दोपहर को उसकी बहन का फोन आया कि उसके छोटे भाई धीरज की मौत हो गई है। जिसके बाद वह पहले नशा मुक्त केंद्र पहुंचे और बाद में सिविल अस्पताल में पहुंचे और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। उन्होंने बताया कि उसके भाई की मौत कैसे हुई है, पहले उन्हें कुछ नहीं पता था, जिसके चलते वह मामले में कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं करवाना चाहते थे। रविवार को सिविल अस्पताल के डाक्टरों द्वारा उसके भाई का पोस्टमार्टम किया गया और उन्हें बताया गया कि उसके शरीर पर कई जगहों पर चोट व मारपीट के निशान थे। वहीं सेंटर से इलाज करवा रहे दूसरे लोगों ने भी उन्हें बताया था कि शुक्रवार रात को उसके भाई धीरज के साथ सेंटर संचालक द्वारा बेहरमी से मारपीट की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपित पर मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।

पिटाई के बाद पूरी रात तड़पता रहा मृतक

सेंटर में इलाज करवाने वाले एक युवक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह करीब बीस दिन पहले इस सेंटर में भर्ती हुआ था, लेकिन भर्ती होने के अगले ही दिन उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी गई। सेंटर मालिक द्वारा सभी लोगों को लोहे की रॉड से पिटता था। कभी उन्होंने पूरा नग्न कर कड़कती धूप में बाहर बिठा देता था, तो कभी दीवार की तरफ मुंह कर उन्हें पीछे थप्पड़ मारता था। परिजनों से फोन पर बात नहीं करने दी जाती थी। वहीं पूरा-पूरा दिन कमरे में बंद कर रखता था। शुक्रवार रात को मृतक धीरज को भी बेहरमी से पिटा गया था। वह पूरी रात दर्द से तड़पता रहा, लेकिन उसके दवा तक नहीं दी गई। जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। पीड़ित युवक ने बताया कि अगर वह कुछ दिन वहीं पर रहते, तो शायद अन्य युवकों को भी पीट-पीटकर मार दिया जाता।

प्रशासन से सील किया सेंटर, रिकार्ड की जांच शुरू

जिला प्रशासन ने सेंटर को सील कर सभी मरीजों को सिविल अस्पताल के नशा छुड़ाओं केंद्र में शिफ्ट कर उनका इलाज शुरू कर दिया है। सेंटर का पूरा रिकार्ड को अपने कब्जे में लेकर उसकी भी जांच शुरू कर दी है। एसडीएम अमरिंदर सिंह टिवाणा की अगुवाई में जिला टीकाकरण अधिकारी डा. कुंदन पाल, मनोराेग चिकित्सक डा. अरूण बांसल, नशा मुक्ति केंद्र के काउंसलर रूप सिंह मान व एसएचओ सिविल लाइन इंस्पेक्टर रविंदर सिंह की ज्वाइंट टीम मामले की जांच कर रही है।


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