पेट्रोल-डीजल के गिरते दामों पर लग सकती है ब्रेक – यह है कारण


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वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम में पिछले दिनों आई गिरावट के बाद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना कम हो रही हैं, जिससे वाहन चालक ही नहीं, आम उपभोक्ताओं को भी त्योहारी सीजन में महंगाई से राहत मिली लेकिन सऊदी अरब द्वारा कच्चे तेल की आपूर्ति घटाने के फैसले के बाद दाम में वापस तेजी देखी जा रही है. अगर यह तेजी आगे भी जारी रहती है तो पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. दिवाली के बाद लगातार पांचवें दिन सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती जारी रही.

दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम में 17 पैसे और मुंबई में 16 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई. वहीं, डीजल का दाम दिल्ली और कोलकाता में 15 पैसे और मुंबई व चेन्नई में 16 पैसे प्रति लीटर घट गया है. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में सोमवार को पेट्रोल के दाम क्रमश: 77.56 रुपये, 79.49 रुपये, 83.07 रुपये और 80.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज किए गए हैं. चारों महानगरों में डीजल क्रमश: 72.31 रुपये, 74.17 रुपये, 75.76 रुपये और 76.43 रुपये प्रति लीटर हो गया है. दिवाली के दिन बुधवार को पेट्रोल का दाम छह दिनों तक लगातार गिरावट के बाद स्थिर रहा. डीजल के भाव में भी दिवाली से पहले पांच दिनों तक लगातार कटौती दर्ज की गई.

मालूम हो कि चार अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल का दाम रिकॉर्ड उच्च स्तर पर जाने के बाद केंद्र सरकार ने तेल की महंगाई से लोगों को राहत दिलाने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की थी. सरकार ने तेल पर एक्साइज ड्यूटी में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जबकि एक रुपये प्रति लीटर की कटौती का बोझ तेल कंपनियों को उठाने को कहा था.

कच्चे तेल के दाम में आगे फिर तेजी आने की संभावना है, क्योंकि प्रमुख तेल उत्पादक देश सउदी अरब ने कहा है कि वह अगले महीने तेल की आपूर्ति में कटौती करेगा. सउदी अरब के उर्जामंत्री ने रविवार को कहा कि उसका देश दिसंबर में तेल की आपूर्ति पांच लाख बैरल रोजाना घटा सकता है. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट को थामने के लिए ही सउदी अरब ने आपूर्ति में कटौती करने का फैसला लिया है.

गुप्ता ने हालांकि कहा कि पेटेल और डीजल के दाम पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि पिछले दिनों कच्चे तेल का दाम काफी टूट चुका है. हां, अगर यह तेजी आगे जारी रहेगी तो स्वाभाविक है कि पेट्रोल, डीजल के दाम भी बढ़ेंगे. मगर कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी की अभी संभावना कम है.

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई ब्रेंट क्रूड का जनवरी अनुबंध सोमवार को 1.38 डॉलर यानी 1.98 फीसदी की तेजी के साथ 71.02 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. वहीं, न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज यानी नायमैक्स पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई का दिसंबर डिलीवरी अनुबंध 0.93 फीसदी की तेजी के साथ 60.75 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था.

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